फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेसहारा बच्चों की जिंदगी में आप भी भर सकते हैं खुशियों के रंग, सीसीपीसीआर दे रहा है मौका

Sun, 07 Feb 2021 05:58 PM IST
ajay kumar रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

अगर आप किसी बेसहारा बच्चे की जिंदगी में खुशियां भरना चाहते हैं तो चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीसीपीसीआर) आपकी मदद करेगा। अपने स्थापना दिवस को खास तरीके से मनाने के लिए सीसीपीसीआर रिस्पाइट और फॉस्टर केयर की शुरुआत करने जा रहा है। आयोग की चेयरपर्सन हरजिंदर कौर ने शहरवासियों से सहयोग की अपील की है।

विज्ञापन


हरजिंदर कौर ने बताया कि स्नेहालय में 200 से अधिक बेसहारा बच्चे रहते हैं। इन बच्चों की उम्र छह से 18 वर्ष तक है जबकि आशियाना में छह वर्ष तक के बच्चे हैं। आयोग की कोशिश इन असहाय एवं वंचित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की है। इसके तहत अगर कोई शहरवासी चाहे तो वह स्नेहालय के बच्चों के साथ समय बिता सकता है।

अगर बच्चा और उसके साथ समय बिताने वाला परिवार एक-दूसरे को ठीक से समझ जाते हैं तो पुलिस वेरिफिकेशन के बाद सीसीपीसीआर बच्चे को कुछ समय के लिए उनके साथ बाहर जाने की अनुमति दे सकता है। अगर बच्चे को परिवार के साथ रहना अच्छा लगा तो फॉस्टर केयर की भी सुविधा होगी। 
विज्ञापन


इसके अनुसार सीसीपीसीआर की सभी शर्तों को मानने के बाद अभिभावक बच्चे को अपने साथ घर पर भी रख सकेंगे। हालांकि, इस दौरान जिला बाल सुरक्षा अधिकारी बच्चे और अभिभावक के संपर्क में रहेंगे। सब कुछ ठीक रहा और अगर परिवार बच्चे को गोद लेना चाहेंगे तो वह भी संभव होगा।

विज्ञापन

हरजिंदर कौर ने कहा कि शहर में ऐसे लोग हैं, जो अकेले रहते हैं। उन्हें बच्चों की कमी महसूस होती है और इन बच्चों को किसी अपने की। ऐसे में यह प्रयास इस खाई को पाटने का काम करेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर हो तो बच्चों से जरूर मिलें और उन्हें समय दें। गौरतलब है कि छह फरवरी 2014 को सीसीपीसीआर की स्थापना की गई थी और सात फरवरी को आधिकारिक तौर पर सीसीपीसीआर की चेयरपर्सन ने कार्य शुरू किया था।

लॉकडाउन में 45 हजार बच्चों तक पहुंचा सीसीपीसीआर
लॉकडाउन के दौरान सीसीपीसीआर ने करीब 45 हजार बच्चों को जागरूक करते हुए प्रोत्साहित किया। इनमें से 2165 विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाना है। बीते दिनों सीसीपीसीआर ने विभिन्न स्कूलों की 16 टॉपर छात्राओं को नकद इनाम देकर सम्मानित किया था। सीसीपीसीआर ने एक सर्वे भी किया था, जिसमें सामने आया था कि चंडीगढ़ में करीब 6000 बच्चे स्मार्टफोन न होने के चलते ऑनलाइन शिक्षा से दूर हैं। आगामी मंगलवार को आयोग की ओर से टॉपर छात्रों को स्मॉर्टफोन दिए जाएंगे।

तीन स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी शुरू
सीसीपीसीआर ने बापूधाम, धनास और जीजीएमएसएसएस-18 में डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत की है। इसके अलावा तीन अन्य स्कूलों करसान, सेक्टर-53 और सेक्टर-38 वेस्ट में इसी महीने डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत की जाएगी। इससे बच्चों में पढ़ने की आदत बढ़ेगी। इस लाइब्रेरी में ऑनलाइन दिलचस्प किताबें पा सकेंगे। 

इन लाइब्रेरी को डिजिटली तरीके से नेशनल लाइब्रेरी से भी जोड़ा गया है। इसके अलावा ब्रेन जिम, बच्चों की संसद, बाल अदालत, ब्रांड एंबेसडर व मेंटर, मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला, छात्राओं को सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग, क्रिएटिव वर्कशॉप, ट्रेनिंग वर्कशॉप, चाइल्ड फ्रेंडली फेस्टिवल, नशे की लत पर जागरूकता कार्यक्रम, बाल मजदूरी रोकने, बाल विवाह रोकने, सेफ चाइल्डहुड अभियान, विभिन्न सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली होनहार छात्राओं की आर्थिक मदद, बच्चों की काउंसलिंग समेत कई ऐसे कार्यक्रम सीसीपीसीआर की तरफ से शहर में चल रहे हैं, जो सिटी ब्यूटीफुल को बच्चों के अनुकूल बनाने के लिए प्रयासरत हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें