एसजीपीसी की साधारण सभा की बैठक में गोबिंद सिंह लौंगोवाल को तीसरी बार सर्वसम्मति से अध्यक्ष पद का ताज पहना दिया गया। शिअद के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने तीन वर्ष के बाद फिर सभी पदाधिक ारी बदलते हुए भाई राजिंदर सिंह मेहता को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, गुरबख्श सिंह नवांशहर को जूनियर उपाध्यक्ष और हरजिंदर सिंह धामी को महासचिव के पद पर सर्वसम्मति से चुना। वहीं इससे पहले एसजीपीसी के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष सुखदेव सिंह भौर व बलविंदर सिंह बैंस सहित कुल छह सदस्य विरोध स्वरूप साधारण सभा की बैठक का बहिष्कार कर बाहर चले गए।
साधारण सभा में बैठे शिअद (बादल) के 140 से अधिक सदस्यों ने बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारों से इन नियुक्तियों को अपना समर्थन दिया। अध्यक्ष पद की तीसरी बार सेवा मिलने के बाद नवनियुक्त अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कार्यकारिणी के 11 सदस्यों भूपिंदर सिंह असंध, जगसीर सिंह डब्बवाली, गुरपाल सिंह गोरा, शेर सिंह मंडवाला, बाबी परमजीत कौर लहरा, जसमेर सिंह नासूर, अमरजीत सिंह भलाईपुर, सुरजीत सिंह कंग, इंदरमोहन सिंह, मुखविंदर सिंह खापड़खेड़ी और बीबी कुलदीप कौर टोहड़ा का सर्वसम्मति से चुनाव कर टीम में शामिल किया।
लगभग 15 वर्ष तक एसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाने वाले हरियाणा के सदस्य व बादल परिवार के रिश्तेदार रघुजीत सिंह विर्क को इस बार कोई भी पद नहीं दिया गया है।
एसजीपीसी की पूर्व अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने लौंगोवाल का नाम अध्यक्ष पद के लिए पेश किया। एसजीपीसी के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष अलविंद्र पाल सिंह पखोके व बलबीर सिंह भिंडर ने लौंगोवाल के नाम का अनुमोदन किया। साधारण सभा में बादल विरोधियों की संख्या न के बराबर होने के कारण लौंगोवाल को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुन लिया गया।
इसी तरह राजिंदर सिंह मेहता के नाम का प्रस्ताव अमरजीत सिंह चावला ने पेश किया। भगवंत सिंह स्यालका ने इसका अनुमोदन किया। गुरबख्श सिंह नवांशहर के नाम का प्रस्ताव चरणजीत सिंह जस्सोवाल व ज्ञानी बलदेव सिंह बादल ने रखा। गौरतलब है कि एसजीपीसी के कुल 191 सदस्य हैं जिनमें से सिर्फ 185 को वोट देने का अधिकार है।