चंडीगढ़ पहुंचा विंटेज एयरक्राफ्ट।
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वर्ष 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तान के पसीने छुड़ाने वाला जीएनएटी विंटेज एयरक्राफ्ट चंडीगढ़ पहुंच गया है। लोग कुछ ही महीनों में इसे सेक्टर-18 के गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग में देख सकेंगे, क्योंकि यहां देश का पहला वायु सेना विरासत केंद्र बनाया जा रहा है। इसे लेकर बुधवार को प्रशासन और वायु सेना के अधिकारियों के बीच बैठक हुई।
बैठक में वायु सेना की तरफ से एक प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें बताया गया कि विरासत केंद्र कैसा दिखेगा और वहां क्या-क्या रखा जाएगा। प्रस्तुति में पुराने विमानों की स्थापना, सिम्युलेटर की स्थापना, इंटरैक्टिव सिस्टम, युद्ध नायकों की जानकारी आदि दी जाएगी। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि भारतीय वायु सेना और चंडीगढ़ प्रशासन के इस संयुक्त प्रोजेक्ट को बनाते समय इस इमारत के विरासत मूल्य की रक्षा के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल को बताया गया कि अंबाला और भुज से विंटेज विमान और विंटेज सिम्युलेटर मंगवाए जाएंगे। बैठक में चंडीमंदिर छावनी के ग्रुप कैप्टन पीएस लांबा के नेतृत्व में आईएएफ टीम में अंबाला और भुज से भी विशेषज्ञ शामिल रहे। प्रशासन और वायु सेना के बीच हुए करार के अनुसार विरासत केंद्र का रखरखाव प्रशासन करेगा, जबकि हथियार व अन्य औजार वायु सेना स्थापित करेगी। यहां लोग वायु सेना के इतिहास को पढ़ और देख पाएंगे। वायु सेना के अधिकारी गाइड की भूमिका निभाएंगे। लोग युद्ध में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों को देख सकेंगे।
गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर बनाया जा रहा है विरासत केंद्र
बीते साल 27 अगस्त को तत्कालीन प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की उपस्थिति में चंडीगढ़ प्रशासन और वायु सेना के बीच इस विरासत केंद्र को बनाने के लिए करार हुआ था। गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर ये विरासत केंद्र बनाया जा रहा है। केंद्र में विमान के मॉडल और हथियार प्रदर्शित होंगे, लेकिन बड़ा आकर्षण फ्लाइट सिम्युलेटर होगा, जो लोगों को एक विमान में होने का अनुभव प्रदान करेगा। इसके अलावा एयरो इंजन, एयरक्राफ्ट, कियोस्क और अन्य आईएएफ आर्टिफैक्ट्स जिसमें मशीन/फिक्स्चर इत्यादि, वायुसेना की उपलब्धियों पर वीडियो, फिल्म सहित पर्याप्त प्रचार सामग्री और लोगों को जानकारी देने के लिए सेना की तरफ से गाइड भी उपलब्ध कराए जाएंगे। करार के अनुसार विरासत केंद्र को देखने और सिम्युलेटर का अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रशासन टिकट भी लगा सकता है।