जीएमएसएच-16 जल्द ही मेडिकल कॉलेज बनेगा। इसके लिए प्रशासन ने डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को अनुमति दे दी है और प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। प्रशासन ने जीएमएसएच-16 में एमबीबीएस की 50 सीटों की मंजूरी मांगी है ताकि शहर को पूरी तरह से मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा सके।
मौजूदा समय में शहर में सिर्फ एक ही गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच-32) है। जीएमएसएच-16 के मेडिकल कॉलेज बनने के बाद शहर में दो मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। प्रस्तावित 50 सीटों के मेडिकल कॉलेज के लिए दिसंबर तक केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
डॉक्टरी के छात्रों को मिलेगी मदद
मौजूदा समय में शहर में सिर्फ दो ही ऐसे चिकित्सा शैक्षणिक संस्थान हैं जहां पोस्ट ग्रेजुएट सीटें हैं। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच-32) में एमबीबीएस की 150 सीटें और पोस्ट ग्रेजुएट की 125 सीटें हैं।
वहीं, पीजीआई में पोस्ट ग्रेजुएट की 310 सीटें हैं। ऐसे में 50 सीटें और बढ़ जाने से उत्तर भारत में जैसे पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, चंडीगढ़, जम्मू एवं कश्मीर और अन्य राज्यों के मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्रों को फायदा मिलेगा।
15 एकड़ जमीन आवंटित
जीएमएसएच-16 को मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए प्रशासन ने सारंगपुर में 15 एकड़ जमीन आवंटित की है। गवर्नमेंट मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (जीएमएसएच-16) को मेडिकल कॉलेज के तौर पर विकसित करने, अकादमिक ब्लॉक बनाने और हॉस्टल की व्यवस्था के लिए प्रशासन की ओर से जीएमएसएच-16 के 10 किलोमीटर के दायरे में आ रहे सारंगुपर में जमीन आवंटित कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों का कहना है कि कॉलेज के लिए तैयार की गई डीपीआर को अब प्रशासन ने हरी झंडी दे दी है।