कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच मरीजों को अस्पताल में कम से कम बुलाने की बात को गंभीरता से लेते हुए जीएमएसएच-16 प्रशासन ने नई पहल की है। अस्पताल ने कोरोना के संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट उनके मोबाइल पर मैसेज के जरिए उपलब्ध कराने की सुविधा शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मौजूदा समय में रैपिड किट से होने वाली जांच की रिपोर्ट 15 से 20 मिनट के अंदर आ जाती है।
इसके बाद रिपोर्ट को पोर्टल पर अपलोड कर के मरीज द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर मैसेज कर दिया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि मरीज को बार-बार अस्पताल आने की जरूरत न पड़े। मैसेज द्वारा रिपोर्ट मिलने की सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को अस्पताल में केवल एक बार सैंपल देने आने के बाद दोबारा रिपोर्ट पॉजिटिव होने की स्थिति में ही आने की जरूरत पड़ेगी।
अस्पताल में संक्रमण का खतरा ज्यादा
जीएमएसएच-16 के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल का कहना है कि अस्पताल में अलग-अलग जगह से आने वाले लोगों की संख्या ज्यादा होने के कारण संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसी स्थिति में जब तक बहुत जरूरी न हो अस्पताल आने से बचना चाहिए। डॉक्टर नागपाल ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए ही रैपिड किट की जांच रिपोर्ट मैसेज के जरिए देने की सुविधा शुरू की गई है।
जल्द ही आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट भी मरीज को मैसेज या ऑनलाइन माध्यम के जरिए भेजने की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके लिए नेशनल इन्फार्मेशन सेंटर के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। इसके लिए पोर्टल तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। काम पूरा होते ही आरटीपीसीआर द्वारा जांच कराने वाले मरीजों को भी उनकी रिपोर्ट बिना अस्पताल आए ही मिल जाएगी।
आरटीपीसीआर की रिपोर्ट 24 घंटे बाद आती है
डॉक्टर नागपाल ने बताया कि रैपिड किट की जांच अस्पताल में ही हो जाती है, जिसकी रिपोर्ट कई बार मरीज को तत्काल ही दे दी जाती है लेकिन आरटीपीसीआर जांच में मरीज का सैंपल लेकर पीजीआई भेजा जाता है। वहां से 24 घंटे के बाद उसकी रिपोर्ट आती है। इसके बाद उस रिपोर्ट को 16 नंबर काउंटर पर भेज देता है। वहां ड्यूटी पर तैनात स्टाफ मरीज द्वारा दिए गए फोन नंबर पर कॉल करके उनकी रिपोर्ट की सूचना देता है।