जीएमसीएच 32 में आने वाले मरीजों को संस्थान की ओर से बहुत बड़ी राहत दे दी गई है। संस्थान में अब कार्डियक एंजियोग्राफी मात्र 3600 रुपये में होगी। प्राइवेट में इसका रेट करीब 12 हजार रुपये है।
संस्थान में रेट तो इसका 1125 रुपये है, लेकिन मरीज को अपने साथ करीब 2500 रुपये की दवाएं भी लानी पड़ती है। संस्थान में सीटी स्कैन की मशीन से कार्डियक एंजियोग्राफी की भी व्यवस्था है।
हाल ही में इस मशीन को इंस्टाल किया गया है। इसमें रोजाना 60 सीटी स्कैन निकाले जा रहे हैं। सीटी स्कैन का रेट भी मात्र 300 व पूरी बाडी के सीटी स्कैन के 1125 रुपये लिए जाएंगे। यह मरीजों के लिए बहुत ही राहत है।
अस्पताल में अब तक पीपीपी माडल के तहत सीटी स्कैन हो रहे थे। इसके तहत मरीजों से दो गुने रेट वसूले जा रहे थे। साल 2003-13 तक मरीजों के पीपीपी माडल के तहत ही सीटी स्कैन होते आए हैं।
जीएमसीएच 32 का निर्माण साल 1991 में हुआ था। निर्माण के इतने साल बाद भी हास्पिटल में सिटी स्कैन की सुविधा नहीं थी। पीपीपी मॉडल के तहत होने वाले सिटी स्कैन में ठेकेदार की दादागिरी भी होती थी। किसी मरीज का किया तो किसी का नहीं। सिटी स्कैन के बारे में काफी दिन से योजना बन रही थी, लेकिन सिरे नहीं चढ़ पा रही थी।
पहले और अब के रेट
जांच...............................पहले..............अब
हेड का सीटी स्कैन..................550..........300
पूरी बाडी का सीटी स्कैन.......1800.......1125
थ्री डी सीटी स्कैन............3000.......1125
गर्दन का सीटी स्कैन.......900.......300
पीएनएस.......1800.......300
एंजियोग्राफी.......12000.......36000
साढ़े तीन करोड़ की मशीन आई है
बताया जा रहा है कि सिटी स्कैन की मशीन काफी महंगी है। इसकी कीमत करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये है। इस मशीन से कार्डियक एंजियोग्राफी भी हो रही है।
इससे हार्ट के मरीजों को भी सुविधा मिलेगी। जिस जगह पर सिटी स्कैन मशीन लगाई जा रही है कि वहां का लुक किसी भी फाइव स्टार होटल से कम नहीं है। यह मशीन रेडियोग्राफी डिपार्टमेंट में ही इंस्टाल हो रही है।
यूटी कर्मचारियों के मुफ्त में सीटी स्कैन
सिटी स्कैन की मशीन इंस्टाल होने से सबसे ज्यादा फायदा यूटी के कर्मचारियों को मिल रहा है। पीजीआई को यदि छोड़ दिया जाए तो शहर के किसी भी संस्थान में सिटी स्कैन की सुविधा नहीं है।
सेक्टर 16 के हास्पिटल में भी निजी कंपनियों के तहत सिटी स्कैन होते हैं। इसके अलावा जिन मरीजों का पुअर पेशंट कार्ड बना होगा, उनका भी मुफ्त में सीटी स्कैन होगा।
कोट
सीटी स्कैन पहले भी हो रहे थे, लेकिन वह पीपीपी माडल के तहत हो रहे थे। अब संस्थान ने अपनी मशीन लगा ली है। इसमें एंजियोग्राफी भी हो रही है। इसके रेट बहुत ही सामान्य रखे गए हैं।
प्रोफेसर अतुल सचदेवा, डायरेक्टर प्रिंसिपल जीएमसीएच 32