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जीएमसीएच 32 में इमरजेंसी से ओपीडी और ओपीडी से इमरजेंसी का मरीज लगा रहे हैं चक्कर

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चंडीगढ़। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) सेक्टर-32 में इलाज कराने आने वाले मरीजों को इमरजेंसी से ओपीडी और ओपीडी से इमरजेंसी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इसकी वजह यह है कि इमरजेंसी में जाने पर रेजिडेंट डॉक्टर ओपीडी में संबंधित विभाग के डॉक्टर को दिखाने के लिए भेज दे रहे हैं। वहीं, ओपीडी में गायनी और पीडियाट्रिक को छोड़कर सभी सेवाएं बंद है।
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जीएमसीएच-32 में मरीजों को चक्कर लगाने के बाद भी इलाज नहीं मिल पा रहा है। उन्हें अस्पताल की ओर से संचालित टेलीमेडिसिन सेवा की भी जानकारी नहीं है। मरीजों का कहना है कि अगर अस्पताल में ऐसी सुविधा दी जा रही है तो मरीजों को बताने की भी व्यवस्था की जानी चाहिए। सुविधा से अनजान मरीजों को बिना वजह परेशान किया जा रहा है। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इमरजेंसी में सिर्फ गंभीर मरीजों को ही आना चाहिए अगर उनकी स्थिति गंभीर नहीं है तो उन्हें यहां-वहां भटकने की बजाय अपने मर्ज से संबंधित विभाग की टेलीमेडिसिन सेवा का लाभ उठाना चाहिए।
इन विभागों में चल रही टेलीमेडिसिन सेवा
अस्पताल में जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, पीडियाट्रिक एंड नियोनेटल, ईएनटी, ऑप्थोमोलॉजी, डर्मेटोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, गाइनी, सेक्रेटरी, कार्डियोलॉजी, पल्मोनरी मेडिसिन, डेंटल और न्यूरोलॉजी की टेलीमेडिसिन सेवा चल रही है। इसके अंतर्गत विशेषज्ञ संबंधित मरीजों का ऑनलाइन इलाज कर रहे हैं। सुविधा का लाभ उठाने के लिए मरीज अस्पताल की वेबसाइट पर टेली मेडिसिन सर्विस से संबंधित विभाग के डॉक्टर और उनकी ई-मेल आईडी की जानकारी प्राप्त कर संपर्क कर सकते हैं।
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कोट..
अस्पताल में ओपीडी सेवा बंद होने के कारण टेली मेडिसिन की सुविधा शुरू की गई है। इसमें प्रतिदिन 250 से 300 मरीज देखे जा रहे हैं। मरीजों को इमरजेंसी और ओपीडी में जाने की बजाय अपने मर्ज से संबंधित टेली मेडिसिन के डॉक्टर से परामर्श लेने का प्रयास करना चाहिए। इससे जुड़ी सारी जानकारी जीएमसीएच की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
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-डॉ. रवि गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमसीएच-32 चंडीगढ़
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