चंडीगढ़ में कोरोना वायरस की जांच की संख्या बढ़ाने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत अब जीएमसीएच-32 में भी कोरोना की जांच की जाएगी। जीएमसीएच-32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. बीएस चवन ने बताया कि उन्हें चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से 2000 एंटीजन टेस्टिंग किट मिल चुके हैं।
चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने सोमवार को ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा भी उपस्थित रहे। इस दौरान प्रशासक ने कहा कि उन्हें खुशी है कि शहर में रहने वाले ज्यादा उम्र के लोग केंद्र सरकार व चंडीगढ़ प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन कर रहे हैं और घर में ही रह रहे हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की है कि वह घर में रहें और बहुत जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलें।
बदनौर ने कहा कि अब समय आ गया है, जब लोगों को ज्यादा सावधान रखने की रहने की जरूरत है। बदनौर में नगर निगम के कमिश्नर केके यादव व डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज को आदेश दिए कि वह शहर के विभिन्न हिस्सों में फॉगिंग करवाएं ताकि लोग अन्य किसी बीमारी की चपेट में न आएं। इसके अलावा उन्होंने प्रशासन को आदेश दिए कि वह शहर में कोरोना को लेकर जागरूकता अभियान चलाएं और लोगों को मास्क पहनने संबंधी नियमों को एक बार फिर से याद दिलाएं।
पीजीआई के पास अब 45 वेंटिलेंटर, केंद्र से 20 और मिलेंगे
बैठक में पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर जगतराम भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि नेहरू एक्सटेंशन वार्ड में कोरोना वायरस के 269 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 82 चंडीगढ़, 80 पंजाब और 38 हरियाणा व बाकी अन्य राज्यों से संबंध रखते हैं। कहा कि पीजीआई द्वारा लिए गए 666 कोरोना वायरस के सैंपल में से 185 पॉजिटिव पाए गए, जिसमें से 91 चंडीगढ़ से संबंध रखते हैं।
पीजीआई के डायरेक्टर ने प्रशासक बदनौर को बताया कि उनके यहां अब कुल 45 वेंटिलेटर हैं, इसके अलावा केंद्र सरकार से 20 और वेंटिलेटर जल्द ही मिल जाएंगे। बैठक में जीएमसीएच के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉक्टर बीएस चवन ने बताया कि उनके द्वारा लिए गए 538 सैंपल में से 279 कोरोना पॉजिटिव पाए गए, जो चंडीगढ़ के हैं। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन और बस स्टॉप पर लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है ताकि कोरोना के संदिग्ध मरीजों की पहचान की जा सके।