अपना प्रदेश लड़के-लड़कियों की संख्या में अंतर के मामले में देश में 31 वे स्थान पर है।
इसी गैप को कम करने के लिए प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या करने व करवाने वालों पर नकेल कसने के लिए स्वास्थ्य विभाग और फूड एंड कंट्रोल विभाग की ओर से संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है।
एक महीने में प्रदेश में पीएनडीटी एक्ट के तहत 34 मामले दर्ज किए गए हैं। ये बात सेक्टर एक स्थित रेड बिशप में शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य के मिशन निदेशक डा. राकेश गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।
यह अभियान पांच-छह सप्ताह से चलाया जा रहा है। हरियाणा में एक हजार लड़कों के पीछे 865 लड़कियां हैं, जबकि पंचकूला में एक हजार लड़कों के पीछे 921 लड़कियां हैं।
यह सराहनीय बात है कि पंचकूला प्रदेश का पहला ऐसा जिला है, जहां लिंगानुपात में बेहतर सुधार हुआ है। हालांकि, पंचकूला जिले में गर्भवती महिलाओं की सेहत से जुडे़ पहलुओं पर अब भी कम ध्यान दिया जाता है।
महिलाओं के समय पर टेस्ट नहीं किए जाने के कारण एनीमिया जैसी बीमारियां होती हैं। इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
उन्होंने कहा कि नीम-हकीम लोगों को बहकाकर उन्हें दवा दे देते हैं, जिससे मां और गर्भस्थ शिशु को भी खतरा होता है। कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो लिंग परिवर्तन का झांसा देकर मोटी रकम वसूलते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई कन्या भ्रूण हत्या के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो उसकी सूचना एसएमएस के माध्यम से 8288033370 पर कभी भी दी जा सकती है।
विभाग के हेल्पलाइन नंबर 8288014141 पर सभी कार्य दिवसों में भी शिकायत की जा सकती है।