अपनी गर्लफ्रेंड की हत्या करने के दोषी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत से उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
वारदात 19 अक्तूबर 2011 की है और मामला एमडीसी थाने में दर्ज हुआ था। इस वारदात में दोषी दिए गए युवक का एक दोस्त भी आरोपी था, जो पहले ही नाबालिग साबित हो चुका है।
कोर्ट में दाखिल पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक सुनील नाम का युवक एक निजी ट्रांसपोर्ट कंपनी की बस चलाता था और वह बस बद्दी की एक कंपनी में काम करने वाले पंचकूला व आसपास के एरिया के कर्मचारियों को लाने ले जाने का काम करती थी।
निजी कंपनी में एमडीसी के गांव भैंसा टिब्बा की निवासी पूजा(24) भी काम करती थी और सुनील की बस में ही कंपनी में जाती थी।
इसी दौरान दोनों के बीच अफेयर हो गया, जो करीब तीन साल तक चला। चार्जशीट के मुताबिक पूजा सुनील पर शादी का दबाव बनाने लगी। इसलिए उसने अपने साथी के साथ मिलकर उसके दुपट्टे से ही गला दबाकर हत्या कर दी थी।
वारदात के दो दिन बाद दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, जो सेक्टर-20 में छिपे हुए थे। बाद में सुनील का साथी नाबालिग साबित हो गया था।