चंडीगढ़। लॉकडाउन के दौरान सामूहिक दुष्कर्म की शिकार ग्यारहवीं की एक छात्रा ने पंचकूला के सरकारी अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया। पीड़िता के परिजनों ने लोकलाज के चलते नवजात बच्ची को किसी और को गोद दे दिया। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने घर में जबरन घुसकर वारदात को अंजाम दिया था। पीड़ित छात्रा ने डर के मारे किसी को कुछ नहीं बताया। बीते 24 फरवरी पेट दर्द की शिकायत पर जब परिजन उसे पंचकूला के एक अस्पताल में ले गए तब पता चला कि छात्रा गर्भवती है। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। पंचकूला पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला चंडीगढ़ सेक्टर-3 थाने में ट्रांसफर कर दिया। पीड़ित छात्रा ने 25 फरवरी को बच्ची को जन्म दिया, जिसे परिजनों ने किसी और को गोद दे दिया।
दुष्कर्म की कहानी, पीड़िता की जुबानी
पीड़ित छात्रा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि लॉकडाउन के दौरान एक दिन वह घर में अकेली थी। यह देख तीनों आरोपी युवक जबरन घर में घुस आए और उसके साथ जोरजबरदस्ती करने लगे। उसने विरोध किया और सहायता के लिए शोर भी मचाया, लेकिन किसी ने नहीं सुना। छात्रा का आरोप है कि तीनों युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और भाग निकले। डर के चलते उसने किसी को कुछ नहीं बताया लेकिन पेट दर्द की शिकायत और जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि वह गर्भवती है। सूत्रों के मुताबिक पीड़ित छात्रा के परिजन नवजात को लेकर भले ही खुश नहीं थे, लेकिन पीड़िता बच्ची को अपने से अलग नहीं करना चाहती थी। परिजनों के समझाने के बाद वह बच्ची को अपने से दूर करने के लिए तैयार हो गई।