पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपियों को बिना कोर्ट गए अनोखी सजा मिल गई। सजा युवती के परिजनों ने ही उन्हें सुनाई है। वीरवार को पुलिस ने चारों युवकों को युवती के पेरेंट्स के सामने खड़ा किया। युवकों ने अपने करियर का हवाला देकर पुलिस कार्रवाई न करने की गुजारिश की और माफी मांगी।
पेरेंट्स ने कहा कि वे उनके खिलाफ पुलिस केस नहीं कराएंगे, लेकिन उन्हें एक महीने तक सोशल वर्क करना होगा। चारों आरोपी सजा को मानने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद पुलिस ने भी चारों को इस सजा को पूरा करने के आदेशों के साथ छोड़ दिया। चारों को महीने तक चारों को ओल्ड एज होम, स्नेहालय में बच्चों को पढ़ाने और बीमार मरीजों के लिए ब्लड डोनेशन कैंप जैसे सोशल वर्क करने होंगे।
इन कामों को पूरा करने के बाद एनजीओ से ये सर्टिफिकेट लेना होगा कि उन्होंने एक महीने तक पूरी निष्ठा के साथ सोशल वर्क किया। ये सर्टिफिकेट एक महीने बाद सेक्टर-11 थाना पुलिस और लड़की के पेरेंट्स को देना होगा। अगर संतोषजनक सर्टिफिकेट नहीं दिया गया तो छेड़छाड़ के आरोप में कानूनी धाराओं के तहत पुलिस कार्रवाई करेगी।