जत्थेदार ने कहा कि गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जब भारतीय संगत पाकिस्तान जाती है, तो आने वाली पाकिस्तानी संगत से गुरुद्वारा साहिबान में मिलती है। इससे सदियों पुरानी आपसी सांझ और मजबूत होती है। दोनों देशों के लोगों के बीच बना अविश्वास का माहौल खत्म होता है। दोनों देशों के लोगों को एक दूसरे के नजदीक लाने में गुरुद्वारा करतारपुर साहिब एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
करतारपुर साहिब से श्री ननकाना साहिब तक एक नया हाईवे बना रहा पाकिस्तान
ज्ञानी हरप्रीत ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि पाकिस्तान सरकार गुरुद्वारा करतारपुर साहिब से लेकर गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब तक एक हाईवे का निर्माण करने जा रही है। वहां की सरकार ऐसी व्यवस्था बना रही है जिससे श्रद्धालु सुबह गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करने के बाद दोपहर को श्री ननकाना साहिब के दर्शन करने के बाद उसी दिन अपने देश लौट सकें। ऐसा प्रोजेक्ट बनता है तो यह एक बेहतर व्यवस्था होगी। वह दो बार गुरुद्वारा श्री करतापुर साहिब के दर्शन करने का सौभाग्य पा चुके हैं। जिस स्थान पर श्री गुरु नानक देव जी ने अपने अंतिम 18 वर्ष बिताए, वह पवित्र स्थान शांति व आध्यात्मिकता का केंद्र है।