मिशन एडमिशन के तहत जानेंगे ऐसे कॉलेज के बारे में, जहां रेगुलर डिग्री कोर्स तो हैं ही एड ऑन और प्रोफेशनल कोर्स भी इतने हैं कि विद्यार्थी बेकार नहीं भटक पाएगा। कॉलेज को नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडेशन काउंसिल ‘नैक’ से ए प्लस ग्रेड प्राप्त है, जो शहर के किसी कॉलेज के पास नहीं है।
एड ऑन और वोकेशनल कोर्स के अलावा बात करें कॉमर्स की तो इस कॉलेज को नॉर्थ इंडिया में पहला रैंक मिला है। बात हो रही है सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म ‘जीजीडीएसडी’ कॉलेज की। कॉलेज में एडमिशन को लेकर खासतौर से कॉमर्स को लेकर खासा रुझान रहता है।
पिछली दफा कॉमर्स में कॉलेज का कट ऑफ करीब 98 प्रतिशत था। 1973 में शुरू हुए इस कॉलेज में शिक्षा की गुणवत्ता के साथ ऐसा ऑटोमेशन सिस्टम इस्तेमाल किया गया है, जिससे सभी काम ऑटोमेटिक होते हैं। यहां न के बराबर पेपर वर्क है।
स्टूडेंट की हाजिरी भी ऑटोमेटिक है। जिससे अभिभावकों को पता चलता रहता है कि बच्चा कॉलेज गया या नहीं। अगर तीन दिन लगातार कोई स्टूडेंट बगैर बताए कॉलेज न आए तो उसका नाम ऑटोमेटिक कट जाता है।
ग्रैजुएशन के किस कोर्स की कितनी सीटें, कैसे होगा दाखिला
एडमिशन
- फोटो : अमर उजाला
बीए : 800 सीटें हैं। पीयू की गाइडलाइंस के तहत ऑनलाइन दाखिला होना है।
बीकॉम : 350 सीटें हैं। सेंट्रलाइज्ड एडमिशन के लिए जगह पंजाब यूनिवर्सिटी तय है।
बीसीए: इस कोर्स में 120 सीटें हैं। सेंट्रलाइज्ड एडमिशन के तहत इसी कॉलेज को एडमिशन सेंटर बनाया गया है।
बीबीए: 160 सीटें हैं। इसी कॉलेज को एडमिशन सेंटर बनाया गया है।
बीएससी मेडिकल, नॉन मेडिकल : 300 सीटें हैं और एडमिशन सेंटर डीएवी कॉलेज और गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज फॉर वुमन सेक्टर-26 तय किया गया है।
पोस्ट ग्रैजुएट डिग्री कोर्सेज
एमकॉम : 80 सीटें हैं। सेंट्रलाइज्ड एडमिशन के तहत सेक्टर-50 स्थित जीसीसीबीए को तय किया गया है।
एमए इंग्लिश : 40 सीटें हैं। एमए इकनोमिक्स के लिए 60, एमएससी फिजिक्स, एमएससी आईटी और एमएससी बॉयो टेक्नोलॉजी के लिए 40-40 सीटें हैं और पीयू की गाइडलाइंस के तहत दाखिला होगा।
एमएससी बॉयो इंफोरमेटिक : 40 सीटें हैं। एमएससी अप्लाइड केमिस्ट्री के लिए 40 सीटें तय की गई हैं।
पीएचडी के दो सेंटर हैं कॉलेज में
admission
पीएचडी बॉयो टेक्नोलॉजी : आठ रिसर्च सीट हैं।
पीएचडी केमिस्ट्री : 32 रिसर्च सीट हैं।
कॉलेज में चलाए जा रहे एड ऑन कोर्स
कॉलेज में 13 एड ऑन कोर्स चलाए जा रहे हैं। ये ऐसे कोर्स हैं, जिन्हें रेगुलर डिग्री के साथ-साथ किया जा सकता है। अगर एड ऑन कोर्स को एक साल करेंगे, तो सर्टिफिकेट मिलेगा। दो साल करने पर डिप्लोमा और तीन साल पूरा करने पर स्टूडेंट को एडवांस डिप्लोमा दिया जाएगा।
ये हैं एड ऑन कोर्स: जर्नलिज्म, फैशन डिजाइनिंग, गाइडेंस एंड काउंसलिंग, फ्रेंच, टूरिज्म एंड ट्रेवल, वीडियो रिपोर्टिंग, इवेंट मैनेजमेंट, कंप्यूटर बेस्ड अकाउंटिंग, कोस्मेटोलॉजी, एनवायरमेंटल ऑडिटिंग, एनिमेशन एंड ग्राफिक्स, एडवरटाइजिंग एंड सेल्स मैनेजमेंट।
कॉलेज में चलाए जा रहे वोकेशनल कोर्स
वोकेशनल डिग्री इन हॉर्डवेयर एंड नेटवर्किंग, वोकेशनल डिग्री इन एग्री बिजनेस, वोकेशनल डिग्री इन फैशन डिजाइन, वोकेशनल डिग्री इन रिटेल मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी
कॉलेज में स्टूडेंट्स के लिए खास सुविधाएं
एडमिशन
लड़के और लड़कियों के लिए दो हॉस्टल
सेंट्रल लाइब्रेरी
ऑडिटोरियम
ऑटोमेशन सिस्टम। इसके तहत सारा काम, अटेंडेंस, लीव, टाइम टेबल, एडमिशन, फीस, हॉस्टल, सब कुछ ऑटोमेटिक ऑनलाइन होता है।
कॉलेज की मशहूर एलुमनी
सुनील ग्रोवर ‘गुत्थी’
कृष्णा, बॉलीवुड सिंगर
कई जज, आर्मी ऑफिसर और बिजनेसमैन
कॉलेज में रेगुलर कोर्स के साथ इतने एड ऑन और वोकेशनल कोर्स हैं, जिससे संस्थान की अलग पहचान है। ऑटोमेशन सिस्टम, नैक की ग्रेडिंग और एमएचआरडी से मिली ग्रेडिंग इस संस्थान को सभी से बेहतरीन बनाती है।
- डॉ. भूषण कुमार शर्मा, प्रिंसिपल