शहर के लोगों को अब अपने नए वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) अपने घर के पास मिलेगा। प्रशासन के रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) ने इस संबंध में चंडीगढ़ के आईटी विभाग को प्रस्ताव भेजा था और आईटी विभाग ने सैद्धांतिक तौर पर इसकी मंजूरी दे दी है।
इसके बाद अब आरएलए ने एचएसआरपी वेंडर को यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा है। वाहनों पर एचएसआरपी लगने के बाद ही नई आरसी मिलती है। इसलिए एचएसआरपी वेंडर की मंजूरी लेनी जरूरी थी।
वाहनों की आरसी लेने के लिए लोगों को आ रही परेशानी को देखते हुए ही आरएलए ने आईटी विभाग को ई संपर्क सेंटरों में आरसी के लिए आवेदन लेने के साथ-साथ इनकी डिलीवरी देने संबंधी योजना तैयार कर भेजी है।
चंडीगढ़ में वाहनों के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन सेक्टर-17 स्थित रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) के अलावा सेक्टर-42 स्थित एसडीएम (साउथ) और इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एसडीएम (ईस्ट) कार्यालय में जमा होते हैं।
इन तीनों कार्यालयों में काफी भीड़ रहती है। एसडीएम (साउथ) और एसडीएम (ईस्ट) कार्यालयों में तो एक दिन में सिर्फ 50-50 लोगों के आवेदन ही लिए जाते हैं।
भीड़ ज्यादा होने के कारण लोगों को आवेदन जमा कराने में ही कई दिन लग जाते हैं। इसी तरह से आरसी की डिलीवरी लेने में भी लोगों को काफी दिक्कत आती है और उन्हें कई चक्कर काटने पड़ते हैं।
इस संबंध में आरएलए प्रमुख कशिश मित्तल ने कहा कि लोगों की सुविधा देने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं कि लोगों को अपने नए वाहन की आरसी ई संपर्क सेंटर पर ह मिल जाए।
एचएसआरपी वेंडर को प्रस्ताव भेजा है। वेंडर की मंजूरी जरूरी है। मंजूरी मिलने के बाद हम जल्द से जल्द इस सुविधा को शुरू कर देंगे।