जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए 12 तरह की अलग-अलग रीजेंट की जरूरत पड़ती है, जिनमें से कुछ भारत जबकि अन्य विदेश से मंगानी पड़तीं हैं। पीजीआई की ओर से 17 अगस्त 2021 को वार रूम बैठक में 40 नमूनों के जीनोम सिक्वेंसिंग करने के दावे भी किए गए थे लेकिन कोविड का संक्रमण दर कम पड़ने के साथ ही सारे दावे ठंडे पड़ गए।
देश में कहां-कहां होती है जीनोम सीक्वेंसिंग
देश में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (नई दिल्ली), सीएसआईआर-आर्कियोलॉज फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (हैदराबाद), इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज (भुवनेश्वर), एनसीबीएस (बंगलूरू), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक्स (कल्याणी, पश्चिम बंगाल), आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (पुणे) में उपलब्ध है।
जिनोम सिक्वेंसिंग करना पीजीआई के लिए अनिवार्य नहीं है। वैसे भी पीजीआई कोविड जांच लैब के लिए मेंटरशिप की जिम्मेदारी संभाल रहा है। -डॉ. मीनी पी सिंह, वायरोलॉजी विभाग, पीजीआई।