इस घोटाले का पता तरनतारन के डीसी प्रदीप सभ्रवाल को लगा। उन्होंने मामले की जांच पट्टी के मौजूदा एसडीएम नवराज सिंह बराड़ से करवाई। जांच में सभी आरोप साबित होने पर तत्कालीन एसडीएम डॉ. अनुप्रीत कौर के खिलाफ थाना सिटी पट्टी में 5 सितंबर को केस दर्ज किया गया। इसके बाद लोक इंसाफ पार्टी के जिला अध्यक्ष बचित्तर सिंह ढिल्लों ने तरनतारन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके डॉ. अनुप्रीत कौर के खिलाफ करोड़ों गबन करके जायदाद बनाने के आरोप लगाए।
गुरुवार को डीसी प्रदीप सभ्रवाल की बनाई जांच कमेटी के सामने अनुप्रीत कौर (जनरल सहायक जालंधर) पेश हुई। कमेटी में एडीसी (जनरल) संदीप ऋषि, एसडीएम खडूर साहिब कुलप्रीत सिंह, एसडीएम नवराज सिंह बराड़ शामिल थे। उक्त टीम की रिपोर्ट के आधार पर डीसी प्रदीप सभ्रवाल ने राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट भेजी। इसके बाद चीफ सचिव पंजाब करण अवतार सिंह ने फौरी कार्रवाई करते हुए डॉ. अनुप्रीत कौर को सस्पेंड करने के आदेश देते हुए उनको हेडक्वार्टर चंडीगढ़ में हाजिर होने के आदेश जारी किए।
अब गिरफ्तारी का रास्ता हुआ आसान
मामले से जुड़े सभी आरोपियों की गिरफ्तारी लिए कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। गबन के बड़े मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी जरूरी है, इसमें किसी का भी लिहाज नहीं होगा। ध्रुव दहिया, एसएसपी, तरनतारन