अब लिखावट के जरिए अपराधी के लिंग का पता लगाया जा सकेगा। पंजाब विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस एंड क्रिमिनोलॉजी ने इस विषय पर शोध किया है। जुलाई में यह शोध ऑस्ट्रेलियन जर्नल ऑफ फॉरेंसिक साइंस में प्रकाशित हुआ है।
पंजाब विश्वविद्यालय की ओर से यह शोध फॉरेंसिंक साइंस लेबोरेटरी-रोहिणी नई दिल्ली, रिजनल फॉरेंसिंक साइंस लेबोरेटरी-मंडी (हिमाचल प्रदेश) और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी-मधुबन (करनाल, हरियाणा) के साथ मिलकर किया है।
शोध में प्रत्येक व्यक्ति के हर अक्षर की गहनता से स्टडी की गई, जिससे लिखने वाले के लिंग के गुणों की अलग-अलग पहचान की जा सके। शोध के लिए चंडीगढ़ और पंजाब के 150 व्यक्तियों के लिखावट के सैंपल लिए गए। इसमें 75 औरतों और 75 आदमियों को शामिल किया गया।
विभाग ने यह शोध 2017 में शुरू किया था। इसका एक साल से जर्नल में प्रकाशित होने से पहले रिव्यू चल रहा था। यह प्रोजेक्ट शुरुआत में विभाग के प्रोफेसर डॉ. विशाल शर्मा की ओर से एमएससी के विद्यार्थी मनजोत बैंस को दिया गया था लेकिन बाद में प्रोजेक्ट की गहनता के चलते जब और टीम की जरूरत पड़ी तो दूसरी जगह की लैब से और पूर्व के शोधकर्ता नेहा वर्मा, राज कुमार और मंडी से राजेश वर्मा का सहयोग लिया गया।