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Chandigarh News: 24 घंटे पानी सप्लाई प्रोजेक्ट में अफसरों से फीडबैक जुटाए, फाइल खंगाली

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चंडीगढ़। मनीमाजरा में 24 घंटे पानी सप्लाई प्रोजेक्ट जांच के घेरे में है। नई दिल्ली से आई केंद्रीय ऑडिट टीम ने प्रोजेक्ट की चार दिनों तक विस्तृत जांच पूरी कर ली है। टीम ने फाइलों की पड़ताल के साथ-साथ मौके पर जाकर भी हालात देखे और प्रोजेक्ट से जुड़े सभी स्तरों के अफसरों से फीडबैक लिया।
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टीम ने पहले दिन नगर आयुक्त से मुलाकात की। इसके बाद करीब 20 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत की गई। इसमें जेई से लेकर चीफ इंजीनियर तक के अधिकारी शामिल थे। वहीं, प्रोजेक्ट को संभाल रही कंपनी के प्रतिनिधियों को भी सवालों के घेरे में लिया गया। जांच रिपोर्ट अब दिल्ली भेजी जाएगी, जिसके आधार पर प्रोजेक्ट का आगे का भविष्य तय होगा।
दरअसल, यह प्रोजेक्ट शुरू से ही विवादों में रहा है। भारी बजट खर्च होने के बावजूद सातों दिन 24 घंटे पानी सप्लाई का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। यह मामला नगर निगम सदन से लेकर संसद तक उठा। सांसद मनीष तिवारी ने प्रोजेक्ट पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसकी कार्यकुशलता पर केंद्र को पत्र लिखा था। उनकी शिकायत के बाद 4 अगस्त 2024 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस पायलट प्रोजेक्ट के ऑडिट को मंजूरी दी थी। ऑडिट टीम ने स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम इंजीनियरिंग विंग समेत सभी स्टेकहोल्डर्स से विस्तृत बातचीत की। वॉटर मीटरिंग सिस्टम, पाइपलाइन नेटवर्क, सप्लाई कंट्रोल सिस्टम, पानी की गुणवत्ता रिपोर्ट, फंड उपयोग, दस्तावेज़ों की पारदर्शिता और फील्ड निरीक्षण के आधार पर प्रोजेक्ट की सच्चाई को परखा गया है। जांच के दौरान यह देखा गया कि 24 घंटे पानी सप्लाई के दावे जमीन पर कितने सही साबित हुए। आरोप यह भी है कि प्रोजेक्ट में कई बार खर्च में पारदर्शिता नहीं रही और अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं हो पाए। अब सभी की निगाहें दिल्ली में जमा होने वाली अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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