चंडीगढ़। सेक्टर-26 की मंडी जल्द ही साफ नजर आएगी। यहां कचरा फैले होने की शिकायतें काफी समय से मिल रही थीं जिसे देखते हुए डीसी दफ्तर ने नगर निगम को सेक्टर-39 में जगह देने का फैसला किया गया। इस जमीन पर निगम कचरा निस्तारण प्लांट लगाएगा। इसके लिए मशीन की जो भी लागत आएगी उसका वहन मंडी कमेटी करेगी। सब्जी मंडी से प्रतिदिन लगभग 18 टन कचरा निकलता है। सब्जी और फलों के साथ ही अन्य कचरा मिलने से यहां स्थिति बुरी हो जाती है।
कुछ दिन पहले प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने डीसी विनय प्रताप सिंह और आयुक्त आनिंदिता मित्रा के साथ सेक्टर-26 मंडी का निरीक्षण किया था। इस दौरान कुछ लोगों ने बताया कि मंडी में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। सलाहकार ने आयुक्त से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि यहां सफाई के लिए काफी संख्या में कर्मचारी नियुक्त हैं लेकिन अतिक्रमण के कारण बेहतर तरीके से सफाई नहीं हो पाती।
ज्ञात हो कि मंडी बड़ी मात्रा में कचरा पैदा करने वाली श्रेणी में आती है इसलिए इसे अपना कचरा स्वयं ही निस्तारित करना होगा। सलाहकार ने डीसी और आयुक्त के साथ बैठक कर इस समस्या का हल निकालने का निर्देश दिया था। उसके बाद सलाहकार ने डीसी को मंडी में अतिक्रमण हटाने और पंजीकृत वेंडरों को साइट बनाकर बैठाने को कहा था। लोगों ने बताया कि मंडी छोटी है और पंजीकृत वेंडरों के साथ गाड़ियों के अंदर आने से समस्या बनी रहती है।
बॉक्स
अतिक्रमण जस का तस, पॉलिथीन का भी धड़ल्ले से उपयोग
धर्मपाल के दौरे को देखते हुए मंडी कमेटी ने सफाई करवा दी थी और अतिक्रमणकारियों को भी हटा दिया थी। मंडी की रोड देख लोगों ने कहा कि पता ही नहीं चलता कि यहां इतनी चौड़ी सड़क है, वहीं दो दिन पहले निगम ने मंडी में प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया गया था। इस दौरान सस्ती दरों पर कपड़े के थैले देने और प्लास्टिक का उपयोग न करने की भी अपील की गई थी। कार्यक्रम के बाद से ही मंडी में धड़ल्ले से पॉलिथीन में सब्जी और फल बिक रहे हैं।
बॉक्स
स्वच्छता अभियान में जुड़ते हैं नंबर
किसी भी शहर की मंडी और मार्केट में कचरे का निस्तारण कैसे हो रहा है। इस व्यवस्था के नंबर भी स्वच्छता अभियान में जोड़ा जाता है। मंत्रालय का प्रयास है कि मौके पर ही ज्यादातर कचरे का निस्तारण हो ताकि डंपिंग ग्राउंड की परिकल्पना को ही खत्म किया जाए। इसमें अब होटल और बड़ी सोसायटी को भी जोड़ा गया है। कुछ दिन अपने स्तर पर कचरे का निस्तारण न करने वालीं शहर की कुछ सोसायटी के बाहर निगम ने लाल रंग की होर्डिंग लगा दी थीं।
कोट
सेक्टर-39 में प्लांट लगाने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की योजना है। सेक्टर-26 से मंडी को सेक्टर-39 मार्केट में स्थानांतरित करने की योजना पर काम चल रहा है। जब तक मंडी स्थानांतरित नहीं होगी तब तक सेक्टर-26 का कूड़ा वहां जाता रहेगा। जब मंडी स्थानांतरित हो जाएगी, उसके बाद सेग्रीगेट कचरा आसानी से निस्तारित हो सकेगा।
- विनय प्रताप सिंह, डीसी