चंडीगढ़। प्रॉपर्टी डीलर सोनू शाह हत्याकांड के गवाहों पर सात महीने पहले पिस्टल तानकर जान से मारने की कोशिश के मामले में क्राइम ब्रांच ने गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के करीबी मोंटी शाह को गिरफ्तार कर लिया है। पिछले साल अक्तूबर महीने से फरार चल रहे मोंटी पर 50 हजार का इनाम था। मोंटी शाह की धरपकड़ के लिए क्राइम ब्रांच जगह-जगह दबिश दे रही थी। क्राइम ब्रांच की टीम शनिवार को मामले का खुलासा करेगी।
11/12 अक्तूबर 2020 की रात गैंगस्टर मोंटी शाह दोनों हाथों में पिस्टल लहराते हुए सोनू शाह हत्याकांड के गवाह प्रवीण शाह और तीरथ को जान से मारने की नीयत से बुड़ैल स्थित उनके दफ्तर की तरफ आ रहा था, इसी बीच तीरथ ने मोंटी शाह को देख लिया। मोंटी पिस्टल तानकर उनकी ओर बढ़ा, लेकिन दोनों दफ्तर में छिप गए। इसके बाद वह अपने साथियों के साथ एक कार में फरार हो गया था। वारदात दफ्तर के बाहर गली में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। इसके बाद यूटी पुलिस ने मोंटी शाह पर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया।
22 अक्तूबर को पुलिस राजस्थान के हनुमानगढ़ में मोंटी के ठिकाने पर दबिश देने गई, लेकिन वह पहले ही फरार हो गया, जबकि उसे पनाह देने वाले दो भाइयों परविंदर व दीपक वाधवा समेत एक अन्य वीरेंद्र सोनी को गिरफ्तार किया था। दिसंबर महीने में सेक्टर-34 पुलिस ने मोंटी को भगाने में मदद करने वाले वरना कार सवार दो आरोपियों को ट्रिब्यून चौक से पकड़ा था। जांच में सामने आया कि आरोपी मोहित और विनय चचेरे भाई हैं और गैंगस्टर मोंटी शाह की बुआ के लड़के हैं। वारदात के बाद मोंटी शाह और उक्त दोनों आरोपी कालका गए और फिर मोंटी शाह वहां से राजस्थान रवाना हो गया था। तब से मोंटी शाह फरार चल रहा था। जनवरी महीने में क्राइम ब्रांच मोंटी को पकड़ने के लिए बंगाल भी गई, लेकिन आरोपी वहां भी टीम को चकमा देकर फरार हो गया था।
ये 50-50 हजार के इनामी अभी फरार
सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी के कब्जे के मामले में पुलिस ने दो मार्च को केस दर्ज किया था। मामले में पत्रकार संजीव महाजन, तत्कालीन थाना प्रभारी राजदीप सिंह, डीएसपी रामगोपाल के भाई सतपाल डागर और मनीष गुप्ता की गिरफ्तारी हुई। वहीं, मामले में फरार चल रहे सेक्टर-33 निवासी शराब कारोबारी अरविंद सिंगला, सेक्टर-38/सी निवासी सौरभ गुप्ता, सेक्टर/11ए निवासी खलिंदर सिंह उर्फ कादियान और मोहाली फेज-9 औद्योगिक क्षेत्र निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ मनी पर पुलिस ने इन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम रखा था।