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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई अजमेर जेल शिफ्ट

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चंडीगढ़। पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा और राजस्थान में दहशत के पर्याय बने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को शनिवार सुबह भारी सुरक्षा के बीच भरतपुर की सेवर जेल से अजमेर जेल में शिफ्ट कर दिया गया। सुबह करीब 7.30 बजे हुई शिफ्टिंग की इस कार्रवाई को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया।
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सेवर जेल अधीक्षक अशोक वर्मा ने बताया कि भरतपुर से भेजे गए गैंगेस्टर लॉरेंस बिश्नाई को अजमेर सेंट्रल जेल में दाखिल कर लिया गया है। लॉरेंस बिश्नोई को भरतपुर जेल में काफी लंबा समय हो जाने के कारण जेल प्रशासन ने राज्य सरकार से उसे किसी अन्य जेल में शिफ्ट करने की मांग की थी। इसकी अनुमति मिलने के साथ ही शनिवार सुबह हथियारबंद पुलिस जाप्ते के साथ बख्तरबंद गाड़ी से लॉरेंस बिश्नोई को भरतपुर से अजमेर भेजा गया।
इस बीच पता चला है कि लॉरेंस बिश्नोई के जाने के बाद भरतपुर जेल में उसकी बैरक की तलाशी ली गई तो वहां छुपाकर रखे गए कई मोबाइल फोन तथा अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं जेल प्रशासन को मिली हैं। हालांकि जेल प्रशासन इसकी पुष्टि करने से बच रहा है। लॉरेंस बिश्नोई ने भरतपुर सेवर जेल में भी हार्डकोर कैदियों को अपने साथ जोड़ना शुरू कर दिया था। इससे जेल प्रशासन खासा परेशान था और उसे किसी अन्य जेल में शिफ्ट करने की कई दिनों से मांग कर रहा था।
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बिश्नोई ने चंडीगढ़ पुलिस से बताया था एनकाउंटर का खतरा
बिश्नोई ने पिछले दिनों जिला अदालत में याचिका दाखिल कर पेशी के दौरान सुरक्षा मांगी थी। उसने आशंका जताई थी कि चंडीगढ़ पुलिस उसका फर्जी एनकाउंटर कर सकती है। असल में सेक्टर 33 में शराब कारोबारी अरविंद सिंगला की कोठी और सेक्टर 9 में शराब ठेके पर हुई गोलीबारी में लॉरेंस का नाम सामने आया था। इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस उसे पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लाना चाहती थी। इसी कारण अपनी जान को खतरा बताते हुए लॉरेंस ने याचिका दाखिल की थी कि जब भी उसे पेशी पर लाया जाए तो उसके हाथों में हथकड़ी लगी हों और सुरक्षा के विशेष इंतजाम हों।
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