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गैंगस्टर गड़ौली एनकाउंटर: गुड़गांव SIT सदस्यों को हाईकोर्ट का झटका

Tue, 28 Jun 2016 05:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कोर्ट, - फोटो : file photo
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गैंगस्टर संदीप गड़ौली की मुंबई में एनकाउंटर के दौरान हुई मौत के मामले में गुड़गांव एसआईटी को करारा झटका लगा है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को एसआईटी के सदस्य सबइंस्पेक्टर प्रद्युम्न यादव व अन्य की याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट के इस रुख से गुड़गांव एसआईटी के सदस्यों की गिरफ्तारी पर लगी रोक भी स्वत: हट गई है। वहीं याचिका में पूरे केस को मुंबई से हरियाणा ट्रांसफर किए जाने की मांग भी खारिज हो गई है।
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सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान याची की ओर से मुंबई पुलिस द्वारा पहले से दाखिल स्टेटस रिपोर्ट और हलफनामे पर अपना जवाब दाखिल करना था, लेकिन याची ने अदालत से आग्रह किया कि उनका पक्ष सुना जाए। याची की ओर जवाब दाखिल करने पर जस्टिस एम. जयपॉल ने याचिका खारिज कर दी। मामले पर आरंभिक सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याची की अपील स्वीकार करते हुए जांच के नाम पर मुंबई पुलिस की तरफ से उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन उस समय कोर्ट ने गुड़गांव एसआईटी के सभी सदस्यों को मुंबई पुलिस की जांच में शामिल होने के निर्देश दिए थे। 

याची की यह भी मांग थी कि संदीप गड़ौली एनकाउंटर केस में मुंबई पुलिस ने गुड़गांव एसआईटी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। मामले को हरियाणा ट्रांसफर किया जाना चाहिए, लेकिन अदालत ने इस मांग पर कोई कदम नहीं उठाया। साथ ही मुंबई पुलिस को नोटिस जारी कर दिया। मुंबई पुलिस ने केस की पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में अपनी जांच के बारे में स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद कवर में दाखिल करने के साथ ही मुंबई क्राइम ब्रांच के एसीपी की ओर से हलफनामा देकर कहा था कि हरियाणा पुलिस की टीम ने मुंबई में अपराध किया है। 
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पिछली सुनवाई के दौरान ही गैंगस्टर संदीप गड़ौली की बहन की ओर से कोर्ट में पेश वकील ने मामले में पार्टी बनाए जाने की मांग की थी। साथ ही गुड़गांव एसआईटी पर संदीप की हत्या करने का आरोप लगाया था। तब याची की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था। सोमवार को केस की सुनवाई के दौरान याची ने जवाब दाखिल करने की बजाए कोर्ट से उन्हें सुने जाने की मांग की, जिसे अस्वीकार करते हुए कोर्ट ने याचिका को डिसमिस कर दिया। 
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