भारतीय गैस प्राधिकरण लिमिटेड (गेल) की सीएनजी गैस पाइप लाइन लीक होने से हड़कंप मच गया। अगर लीकेज रोकने में थोड़ी और देर हो जाती तो यह पानी में घुलकर हजारों जानें ले सकती थी। हादसा हरियाणा के सोनीपत में आईटीआई चौक के पास हुआ।
लीकेज की सूचना पर पहुंचे कंपनी के कर्मचारियों ने तुरंत वाल्व बंद करके गैस का रिसाव होने से रोका। इसके बाद लगभग 3 घंटे की कड़ी मशक्कत से पाइप का कुछ हिस्सा बदलकर रिसाव पर पूरी तरह से काबू किया गया। बताया जाता है कि बिजली निगम के किसी काम के लिए चल रही खुदाई के चलते पाइप लाइन में रिसाव हुआ था।
शनिवार को आईटीआई चौक के पास बिजली निगम द्वारा खुदाई का काम किया जा रहा था। लगभग 11 बजे ड्रिलिंग के दौरान जमीन में दबी गेल की पाइप लाइन रिसाव शुरू हो गया। इससे आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दी और आसपास मौजूद लोग भी दूर हट गए।
इसी दौरान मामले की सूचना गेल कंपनी के अधिकारियों को लगी तो वे भी मौके पर पहुंचे। कंपनी कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचते ही वाल्व बंद कर दिया। इसके बाद पाइप लाइन का आधा मीटर हिस्सा बदल दिया गया। दिन में 2.30 बजे के करीब लाइन पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका।
शुक्र है सेकेंडरी नेटवर्क था
जिस लाइन में रिसाव हुआ वह सेकेंडरी नेटवर्क की लाइन थी। 125 एमएएम चौड़ाई वाली इस लाइन को एमडीपीई पाइप लाइन कहा जाता है। इसके जरिए घरों में पीएनजी सप्लाई की जाती है। हालांकि आईटीआई के पास गेल का कोई भी उपभोक्ता नहीं है। इस गैस की विशेषता है कि जब तक यह पाइप लाइन में होती है तब तक गैस रहती है, लेकिन लाइन से निकलकर 2 फुट की ऊंचाई पर पहुंचते ही पानी में बदल जाती है।
सूचना मिलते ही कंपनी की ओर से कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। पहले वाल्व बंद कर रिसाव बंद किया गया। इसके बाद 2.30 बजे तक पाइप लाइन का वो हिस्सा ही बदल दिया जो प्रभावित था।
-शिल्पी टंडन, डिप्टी मैनेजर, कारपोरेट कम्यूनिकेशन, गेल