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विधायी समिति ने जताई चिंता : हरियाणा में एससी विद्यार्थियों के कल्याण पर खर्च नहीं हो पा रहे करोड़ों रुपये

Tue, 13 Apr 2021 03:06 PM IST
ajay kumar यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

भाजपा विधायक सीमा त्रिखा की अध्यक्षता वाली इस समिति में वरिष्ठ विधायक डॉ. रघुवीर सिंह कादयान, डॉ. कमल गुप्ता, रामकुमार कश्यप व जगदीश नायर, नैना सिंह चौटाला, शैली, शीशपाल सिंह, नयनपाल रावत व इंदुराज शामिल हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
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विस्तार
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हरियाणा में गरीब एससी (अनुसूचित जाति) परिवारों के विद्यार्थियों के कल्याण पर विशेष घटक योजना की पूरी राशि खर्च नहीं हो रही। करोड़ों रुपये का बजट हर वर्ष लैप्स हो रहा है। 2017-18 में तो कुल बजट की आधी राशि ही खर्च हुई। विधानसभा की शिक्षा एवं चिकित्सा सेवाओं से जुड़ी समिति ने इसे स्कूल शिक्षा विभाग के लिए अपमानजनक मामला बताया है।

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विधानसभा में प्रस्तुत इस रिपोर्ट को समिति ने पांच मार्च 2021 को अनुमोदित किया है। 2020-21 में समिति ने कुल 35 बैठक कर यह रिपोर्ट तैयार की है जिसमें दस्तावेज खंगालने के साथ ही विभाग का पक्ष भी जाना गया। भाजपा विधायक सीमा त्रिखा की अध्यक्षता वाली इस समिति में वरिष्ठ विधायक डॉ. रघुवीर सिंह कादयान, डॉ. कमल गुप्ता, रामकुमार कश्यप व जगदीश नायर, नैना सिंह चौटाला, शैली, शीशपाल सिंह, नयनपाल रावत व इंदुराज शामिल हैं।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि गरीब परिवारों के एससी-एसटी छात्रों पर पांच साल से पूरा बजट खर्च न होना चिंताजनक है। इसका विधायी समिति ने कड़ा संज्ञान लिया है। प्रदेश सरकार हर साल गरीब एससी बच्चों के उत्थान के लिए करोड़ों रुपये के बजट का प्रावधान कर रही है। अगर इसे पूरा न खर्च किया जाए तो यह ठीक नहीं। उन्होंने सरकार से सिफारिश की है कि स्कूल शिक्षा विभाग विशेष घटक योजना के बजट को उचित तरीके से हर वर्ष पूरा खर्च करे।

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जजपा विधायक ईश्वर सिंह उठाते आ रहे मुद्दा
जजपा (जननायक जनता पार्टी) विधायक ईश्वर सिंह एससी विशेष घटक योजना की पूरी राशि विद्यार्थियों पर खर्च न होने का मुद्दा लगातार विधानसभा में उठाते आ रहे हैं। बीते बजट सत्र में भी उन्होंने राशि खर्च किए जाने को लेकर सरकार से सवाल पूछा था। उन्होंने सरकार के जवाब पर सदन में आपत्ति भी जताई थी। ईश्वर सिंह का कहना है कि गरीब एससी परिवारों के विद्यार्थियों के कल्याण के लिए और गंभीर होने की जरूरत है।

प्रदेश और केंद्र की विशेष घटक योजना में इतनी राशि खर्च

मौलिक स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए
  • 2016-17 में राज्य के एससी विशेष घटक प्लान में 24100 करोड़ रुपये का बजट स्कूल शिक्षा विभाग को मिला, इसमें से 23,245 करोड़ खर्च हुए। केंद्र से इस प्लान में 24,544 करोड़ आए, जिसमें से 24,233 करोड़ खर्च किए गए।
  • 2017-18 में राज्य प्लान में 24600 करोड़ विभाग को मिले और 12841 करोड़ ही खर्च हो पाए। केंद्र से 25527 करोड़ मिले और 24330 करोड़ राशि खर्च हुई।
  • 2018-19 में राज्य प्लान के तहत 23300 करोड़ विभाग को मिले और 19783 करोड़ ही खर्च हो पाए। केंद्र से 17329 करोड़ मिले, जिसमें से 12102 करोड़ खर्च हुए।
  • 2019-20 में राज्य प्लान के तहत 21700 करोड़ रुपये विभाग को मिले, जिनमें से 19086 करोड़ ही खर्च हुए। केंद्र से 20213 करोड़ रुपये का बजट आया, जिसमें से 19012 करोड़ ही खर्च किए गए।
माध्यमिक स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए
  • 2015-16 में राज्य के एससी विशेष घटक प्लान में 13000 करोड़ का बजट स्कूल शिक्षा विभाग को मिला। इसमें से 11210 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए।
  • 2016-17 में 13200 करोड़ रुपये विभाग को मिले, जिसमें से 11382 करोड़ रुपये ही खर्च हुए।
  • 2017-18 में 12 हजार करोड़ रुपये का बजट विभाग को मिला, जिसमें से 10550 करोड़ रुपये की राशि ही खर्च की गई।
  • 2018-19 में 10500 करोड़ रुपये का बजट विभाग को मिला, जिसमें से 10217 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
  • 2019-20 में 11 हजार करोड़ रुपये का बजट विभाग को मिला, जिसमें से 7761 करोड़ रुपये ही विभाग खर्च कर पाया।
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