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एक ऐसी बीमारी जिसकी चपेट में आ रहे युवा

Fri, 06 Dec 2013 01:24 PM IST
अमर उजाला, पंचकूला
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आफिस में लगातार आठ से 12 घंटे की सीटिंग जॉब और कंप्यूटर पर लगातार काम करने के बावजूद एक्सरसाइज नहीं करने से अब युवा भी फ्रोजेन सोल्डर (कंधे में अकड़न) की चपेट में आने लगे हैं।
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कंधे में अकड़ यानी सब गड़बड़...। पहले जहां 40-60 साल की उम्र के लोगों को इस तरह की परेशानी होती थी, वहीं अब 25-30 साल के युवा भी इसकी चपेट में आने लगे हैं।

आजकल दो प्रतिशत लोगों में फ्रोजेन सोल्डर की शिकायत आती है।

इनमें आईटी सेक्टर में काम करने वाले, कंप्यूटर पर काम करने वालों के अलावा घरेलू महिलाओं की भी संख्या अच्छी खासी है।

शुरुआती दौर में कंधे के मूवमेंट में हल्की दिक्कत आती है, लेकिन इसे नजरंदाज करने पर इसे सही होने में लंबा वक्त लगता है।

एक-एक फिजियोथैरेपी सेंटर पर रोजाना ऐसे पांच से सात नए केस आते हैं। फिजियोथैरेपिस्ट के अनुसार, यदि कंधे के मूवमेंट में जरा भी परेशानी हो तो फिजियोथैरेपिस्ट से जरूर सलाह लेनी चाहिए।
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सेक्टर-12 ए स्थित भारत विकास परिषद की सीनियर फिजियोथैरेपिस्ट डा. सिमरनप्रीत कौर ने बताया कि फ्रोजेन सोल्डर की शिकायत आने पर लोग पेन किलर मेडिसिन लेते हैं, लेकिन यह सिर्फ थोड़ी देर के लिए दर्द से राहत दिलाती है।

इस केस में आर्थोपेडिक सर्जन भी फिजियोथैरेपी कराने की सलाह देते हैं, क्योंकि इस केस में फिजियोथैरेपी ही पूरी राहत दिला सकती है।

शुरुआती दौर में इसकी मदद लेने पर परेशानी से जल्दी निजात मिलती है, लेकिन नजरंदाज किया गया तो ठीक होने में समय लगता है।

लक्षण
सोल्डर में अकड़न और दर्द, हाथ ऊपर-नीचे और पीछे करने में परेशानी, मशल्स में सूजन, कंधे के मूवमेंट में पिछले हिस्से में दर्द, कंधे का जाम होना

उपचार
फिजियोथैरेपिस्ट पहले सोल्डर मूवमेंट का जायजा लेते हैं। यदि पुराना केस होता है तो एक्सरे या एमआरआई से इसका आकलन किया जाता है। इसके बाद ही एक्सरसाइज का मानक तय किया जाता है। फिजियोथैरेपिस्ट द्वारा दी गई सलाह के अनुसार यदि एक्सरसाइज को रेगुलर रखा जाए तो इस परेशानी से दूर रहा जा सकता है।

सीनियर फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. सिमरनप्रीत कौर ने बताया कि आजकल फ्रोजेन सोल्डर की समस्या आम हो गई है। वह चाहे युवा हों या बुजुर्ग। फिजियोथैरेपी में इसका उपचार सफल है। डायबिटिक पेशेंट में थोड़ी दिक्कत आती है, क्योंकि डायबिटीज होने से हीलिंग होने में मुश्किल होती है।
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