कैपिटल कांप्लेक्स में पंजाब एंड हरियाणा विधानसभा का गेट और आर्किटेक्चर वर्क देख राष्ट्रपति ओलांद इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने गेट के सामने खड़े होकर फोटो खिंचवाई। हाथ मिलाते हुए राष्ट्रपति ओलांद ने प्रधानमंत्री को गले लगा लिया।
समुद्री जहाज जैसी दिखने वाली विधानसभा का यह वही गेट है जिसे फ्रांस से मंगवाया गया था और कार्बूजिए ने इसे खुद अपने हाथ से पेंट किया था। दोनों नेताओं को विधानसभा की खासियत बताई गई। ठीक 3.21 मिनट पर राष्ट्रपति ओलांद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार में उनके साथ सवार होकर कैपिटल कांप्लेक्स पहुंचे।
राष्ट्रपति ओलांद को फ्रेंच में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ का ब्रेन कहे जाने वाले कैपिटल कांप्लेक्स की जानकारी दी गई। टावर ऑफ शेडो के सामने गाड़ी से उतरने के बाद दोनों नेता विधानसभा के सामने पैदल पहुंचे। इसके बाद वापस टावर ऑफ शेडो केसामने भी दोनों ने फोटो खिंचवाई।
पंजाब एंड हरियाणा के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल खट्टर, पंजाब के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों और यूटी एडवाइजर विजय कुमार देव ने राष्ट्रपति ओलांद और प्रधानमंत्री मोदी का कैपिटल कांप्लेक्स पहुंचने पर स्वागत किया।
इंडो-फ्रेंच कनेक्शन को दिखाने के लिए दोनों देशों के राष्ट्रीय ध्वज कांप्लेक्स में लगाए गए। भंगड़े और ढोल की थाप पर दोनों नेताओं का कांप्लेक्स में जोरदार स्वागत किया गया। 3.37 मिनट पर दोनों नेता यहां से गवर्नमेंट आर्ट एंड म्यूजियम गैलरी के लिए रवाना हुए।
नहीं गए ओपन हैंड मॉन्यूमेंट देखने
कयास यह लग रहे थे कि दोनों नेता ओपन हैंड मॉन्यूमेंट देखने जाएंगे और आते हुए हाईकोर्ट बिल्डिंग भी देखेंगे। इसके लिए दोनों जगह तैयारियां भी की गई थी। लेकिन राष्ट्रपति ओलांद और प्रधानमंत्री मोदी विधानसभा से सीधे म्यूजियम निकल गए।
बंदर को देख फ्रेंच मीडिया हुआ आश्चर्यचकित
दोनों नेताओं के पहुंचने से कुछ समय पहले विधानसभा के गेट पर बंदर अठखेलियां मारता दिखा तो फ्रेंच मीडिया यह देख आश्चर्यचकित रह गया। कुछ ने यह दृश्य अपने कैमरों में कैद भी किया। वीवीआईपी मेहमानों केआने पर बंदर दौबारा आकर मुश्किल न बढ़ाए। इसके लिए सुरक्षाकर्मी बंदर को वहां से भगाने केलिए तैनात हो गया।