सेक्टर-16 के गांधी स्मारक भवन में वीरवार को वैज्ञानिक मसाज और मड थैरेपी से मरीजों का इलाज हुआ। इस दौरान डॉ पूजा और डॉ एमपी डोगरा ने मरीजों का इलाज किया। 12 लोगों का इलाज हुआ इसमें चार महिलाएं भी थीं। मरीजों को मसाज, स्टीमबाथ, एनीमा, कटि स्नान और मड थरैपी से इलाज किया गया। इलाज का समय सुबह साढ़े सात बजे से सुबह 11 बजे तक है। गांधी स्मारक भवन में एक सप्ताह तक मरीजों का इलाज के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
गांधी स्मारक भवन के निदेशक डॉ देवराज त्यागी ने बताया कि मिट्टी में वह सभी खनिज लवण है जिससे कि हमारा शरीर की रचना हुई है। मिट्टी से खनिज लवणों की पूर्ति करती है।
मिट्टी में विजातीय द्रव्यों को अपने में सोखने की शक्ति है जिस वजह से मिट्टी स्नान से त्वचा संबंधी रोगों का इलाज होता है।
मिट्टी दुर्गंध नाशक है। यह पसीने के रूप में निकले विजातीय द्रव्यों को निकालकर त्वचा के छिद्रों को शुद्ध करती है। इसमें नेचुरल रेडियम होती है। इससे हमारे शरीर की उर्जा को सुचारू रूप से बहाव देती है। उन्होंने कहा कि यह शरीर के तापमान को संतुलित करता है जिससे अनिद्रा, बीपी, आदि रोग नियंत्रित होते हैं।