फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ताक पर नियम : भाजपा नेता को गरीब बता फ्री बुक कर दिया सामुदायिक केंद्र, हंगामे के बाद बोले अधिकारी-जांच करेंगे

Mon, 19 Apr 2021 02:28 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

भाजपा नेता की बेटी की शादी के लिए निगम ने गरीबी रेखा से नीचे आने वाले नियम लगाकर सेक्टर-50 का सामुदायिक केंद्र निशुल्क बुक कर दिया गया। 
विज्ञापन
चंडीगढ़ में भाजपा नेता की बेटी की शादी के लिए सजा सामुदायिक केंद्र। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चंडीगढ़ में नगर निगम की कार्यप्रणाली फिर चर्चा में है। इस बार निगम ने भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीता भट्ट के लिए सामुदायिक केंद्र की बुकिंग के सभी नियम ताक पर रख दिए। भाजपा नेता की बेटी की शादी के लिए निगम ने गरीबी रेखा से नीचे आने वाले नियम लगाकर सेक्टर-50 का सामुदायिक केंद्र निशुल्क बुक कर दिया गया। मामले की जानकारी लगते ही कांग्रेस ने प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने की मांग की है। सामुदायिक केंद्र निशुल्क देने की अनुशंसा करने वाले सीनियर डिप्टी मेयर महेश इंदर सिंह का कहना है कि बुकिंग नियमानुसार ही हुई है।

विज्ञापन


कांग्रेस के प्रवक्ता सतीश कैंथ ने बताया कि भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीता भट्ट की बेटी की शादी 18 अप्रैल को थी। इसके लिए 10 मार्च को सामुदायिक केंद्र की बुकिंग कराई गई थी। कैंथ ने बताया कि भाजपा नेता जीरकपुर में रहती हैं जबकि बुकिंग के दस्तावेजों में बताया गया है कि वह सेक्टर-7 में किराये पर रहती हैं। इस सामुदायिक केंद्र का किराया 38 हजार रुपये है जबकि सारे नियम ताक पर रखकर उन्हें मुफ्त में सामुदायिक केंद्र उपलब्ध करा दिया गया।

आरोप, पत्र की जांच करने तक की जहमत नहीं उठाई निगम ने

कैंथ ने कहा कि गरीब लोगों को निशुल्क सामुदायिक केंद्र की सुविधा देने के लिए पार्षद की ओर से पत्र देना होता है। उसके बाद निगम जांच करता है, तब सामुदायिक केंद्र निशुल्क दिया जाता है। इस प्रक्रिया में आम आदमी को काफी पापड़ बेलने होते हैं, लेकिन भाजपा नेता के लिए सभी ने आंखें बंद करके कार्यक्रम की अनुमति दे दी। निगम के अधिकारियों ने इस पत्र की जांच करने की जहमत नहीं उठाई।

कैंथ ने कहा कि भाजपा कोरोना को अवसर बनाकर खूब फायदा उठा रही है। उन्होंने प्रशासक के सलाहकार से मांग की है कि मामले में विजिलेंस जांच की जाए। इसमें सामुदायिक केंद्र के लिए अनुशंसा करने वाले नाम की जांच होनी चाहिए, बुकिंग में क्या दस्तावेज लगे, सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग करने पर क्या जुर्माना होना चाहिए, कोरोना महामारी के नियमों को ताक पर रखने के लिए डीसी ऑफिस को भी जांच करनी चाहिए। हालांकि मामले में सीनियर डिप्टी मेयर ने कहा कि महिला मेरे क्षेत्र की निवासी हैं। सभी आरोप निराधार हैं। बता दें कि इस शादी में भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया था।
विज्ञापन

क्या कहते हैं अधिकारी

मेरी जानकारी में यह मामला नहीं है। ऐसा है तो हम जांच कराएंगे। गलत पाए जाने पर सामुदायिक केंद्र का पूर्ण भुगतान कराया जाएगा। -रविकांत शर्मा, मेयर

मामला मेरी जानकारी में नहीं है। सामुदायिक केंद्र के लिए नियम हमने ही बनाए थे। इस प्रकार का कोई मामला है तो जांच करवा लेंगे। -अरुण सूद, भाजपा, प्रदेश अध्यक्ष

परिवार वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर है। वह मेरे वार्ड की निवासी हैं। मेरे पास मदद के लिए भाजपा नेत्री आईं थीं। हमने नियमानुसार ही सामुदायिक केंद्र निशुल्क कराया है। -महेश इंदर सिंह, सीनियर डिप्टी मेयर व पार्षद

मेरे संज्ञान में मामला अभी आया है। ऐसा कुछ है तो हम मामले की जांच करवा लेंगे। इसके बाद ही आगे कुछ कहा जा सकेगा। -सौरभ अरोड़ा, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम

 
सुनीता ने न फोन उठाया न संदेश का दिया जवाब
इस बारे में जब सुनीता भट्ट का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। न ही मोबाइल पर भेजे संदेश का जवाब दिया। 

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें