दोनों का सौदा 40 लाख रुपये में तय हो गया। पीड़ित एएसआई ने बताया कि आरोपी ने उसे कहा कि वह तपा के नजदीक किसी मिशन पर आ रहा है, जिस कारण वह उसे अपने बेटे के दस्तावेज व पैसे दे दे। उसने आरोपी को 20 लाख रुपये बतौर टोकन मनी दे दी। आरोपी के साथ उसकी पत्नी भी थी। आरोपी ने बताया था कि उसकी पत्नी डीजीपी ऑफिस में कार्य करती है।
कुछ दिन बाद वह उससे फिर 18 लाख रुपये और ले गया। वह उसको कुछ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ खिंचवाई फोटो दिखाता रहा। काफी समय बीतने के बाद भी उसने न तो उसके लड़के को नौकरी दिलवाई और न ही उसकी राशि लौटाई। उसने पड़ताल की तो पता चला कि न तो वह पुलिस में सब इंस्पेक्टर है और न ही उसकी पत्नी डीजीपी ऑफिस में कार्यरत है।
तपा थाना के प्रभारी नारायण सिंह ने बताया कि पीड़ित एएसआई परमिंदर सिंह की शिकायत पर नकली सब इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह व उसकी पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर हरिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसकी पत्नी की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।