विजिलेंस विभाग की टीम ने वीरवार को एक गुप्त सूचना के आधार पर जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में रेड की। इस दौरान स्कूलों में बन रहे आर्ट एंड क्राफ्ट कमरों का मुआयना किया गया।
जांच में सामने आया कि कमरों के निर्माण में घटिया सामान का इस्तेमाल हो रहा है। साथ ही तय समय अवधि पूरी होने के बावजूद कमरों का निर्माण कार्य अब तक अधूरा पड़ा है।
इस सारे मामले में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के कंस्ट्रक्शन विंग के अधिकारियों व प्राइवेट ठेकेदारों की मिलीभगत होने की आशंका है। चेकिंग टीम की ओर से सारी रिपोर्ट तैयार करके विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
'घटिया सामग्री का इस्तेमाल करके बनाए जा रहे आर्ट एंड क्राफ्ट रूम'
स्कूल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
परमजीत सिंह विर्क कप्तान पुलिस आर्थिक अपराध शाखा विजिलेंस ब्यूरो पटियाला की ओर से टीमें बनाकर भादसों ब्लाक में पड़ते विभिन्न सरकारी स्कूलों हाई स्कूल रोहटा, सरकारी हाई स्कूल राजगढ़, बाबरपुर, धंगेडा, दंदराला में पहुंचकर इन स्कूलों में बने आर्ट एंड क्राफ्ट कमरों की चेकिंग की गई।
इसमें पाया कि आर्ट एंड क्राफ्ट कमरे अधूरे हैं। ज्यादातर कमरों में अभी तक न तो फर्श बने हैं। न ही ट्यूबें, पंखे और खिड़कियों के शीशे लगाए गए हैं। रंग-रोगन भी नहीं कराया और न ही छतों पर टाइलें लगाई गई हैं।
गौरतलब है कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड कंस्ट्रक्शन विंग की ओर से जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में 36 आर्ट एंड क्राफ्ट कमरों का निर्माण कराने के लिए मेसर्स रजनीश सिंह ठेकेदार लुधियाना के साथ एग्रीमेंट किया था।
काम तीन महीनों में पूरा होना था, लेकिन तीन साल छह महीने का समय बीत जाने के बावजूद कई स्कूलों में कमरों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। विजिलेंस विभाग की ओर से जारी बयान के मुताबिक इस सारे मामले में शिक्षा बोर्ड के कंस्ट्रक्शन विंग के अधिकारियों व प्राइवेट ठेकेदार की मिलीभगत हो सकी है।