यूटी प्रशासन के फाइनेंस और प्लानिंग ऑफिसर अश्विनी डोगरा शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो गए। उनकी जगह पीयू के डिप्टी कंट्रोलर जसबीर सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। अश्विनी डोगरा ने चंडीगढ़ में कुल करीब 41 साल सेवा दी है। आखिरी दिन वित्त सचिव दीप्रवा लाकड़ा ने यूटी सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सम्मानित भी किया।
अश्विनी डोगरा चंडीगढ़ में ही पढ़े-लिखे और शुरू से उन्होंने यहीं पर काम किया है। उन्होंने साढ़े 18 साल की उम्र में ही चंडीगढ़ में नौकरी जॉइन कर ली थी। पहली पोस्टिंग सेक्टर-42 के गर्ल्स कॉलेज में थी। उसके बाद से उन्होंने विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दीं। प्रशासन में पिछले कई वर्षों से वह फाइनेंस व प्लैनिंग ऑफिसर की जिम्मेदारी निभा रहे थे। यह बहुत महत्वपूर्ण पद होता है, जो प्रशासन के विभिन्न विभागों व स्कीम के वित्तीय स्थिति की समीक्षा करता है। उन पर नजर भी रखता है। डोगरा के सेवानिवृत्त होने के बाद प्रशासक के सलाहकार राजीव वर्मा ने शुक्रवार को ही यह जिम्मेदारी पंजाब यूनिवर्सिटी में डिप्टी कंट्रोलर जसबीर सिंह को अगला एफपीओ नियुक्त किया है।
जसबीर सिंह पहले भी प्रशासन में यह जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा नीलम खन्ना को शिक्षा विभाग से चंडीगढ़ सिटी बस सोसाइटी में ट्रांसफर किया गया है। साथ ही वह नगर निगम के मुख्य लेखा अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालेंगी। सुरेश कुमार को चंडीगढ़ सिटी बस सोसाइटी से पंजाब विश्वविद्यालय में भेजा है। यह पद जसबीर सिंह के स्थानांतरण के बाद खाली हुआ है। इसके अलावा गुलशन मेहता, जो वर्तमान में जीएमसीएच-32 में तैनात हैं, शिक्षा विभाग के अतिरिक्त कार्य का भार संभालेंगे। बलदेव सिंह, जो वर्तमान में नगर निगम में तैनात हैं, उन्हें स्थानीय लेखा विभाग के प्रमुख और परीक्षक के रूप में नियुक्त किया है।