पंजाब यूनिवर्सिटी के चार हजार शिक्षक व कर्मचारी कोरोना बचाव के लिए फंड देंगे। इसके तहत पीएम केयर्स फंड में 15 लाख से अधिक की रकम भेजी जाएगी। इसके लिए पीयू में तैयारी चल रही है। यह रकम सैलरी से काटी जाएगी, लेकिन इससे पहले सभी से पूछा जा रहा है कि वह कितनी मदद कोरोना बचाव के लिए देना चाहते हैं।
यूजीसी की ओर से दो दिन पहले आदेश आए थे कि देशभर में कोरोना का विस्तार हो रहा है। ऐसे में पैसे की अधिक जरूरत होगी। संसाधन आदि खरीदने की जरूरत है। इसके लिए सभी आर्थिक मदद को आगे आएं। अपनी इच्छानुसार मदद करें। इसके बाद वीसी प्रो. राजकुमार ने सबसे पहले पहल करते हुए अपना एक वेतन राहत बचाव के लिए दिया।
अब अन्य शिक्षक व कर्मचारी भी मदद के लिए आगे आए हैं। इसका डाटा पीयू तैयार कर रहा है। तीन अप्रैल को सभी शिक्षकों के खाते में सैलरी आएगी। उसी सैलरी से कुछ हिस्सा काटकर पीएम केयर्स फंड में डाला जाएगा। पीयू ने इसके लिए सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को पत्र लिखा है। कहा है कि वह यह बताएं कि कितनी मदद देना चाहते हैं।
बताया जाता है कि कोई शिक्षक व कर्मचारी अपनी एक दिन की सैलरी देना चाहते हैं तो कुछ दो से तीन व पांच दिन तक की सैलरी भी देने की इच्छा जता रहे हैं। इस डाटा के आने के बाद पूरी रकम का पता लगेगा कि कितनी राहत पीयू पहुंचाएगा। जानकारों का कहना है कि 15 लाख रुपये से अधिक पीयू जुटा लेगा।
सिंडिकेट व सीनेट के मेंबर भी देंगे दान
पीयू के सिंडिकेट व सीनेट के मेंबर भी कोरोना बचाव के लिए आगे आ रहे हैं। वह भी पांच से दस हजार रुपये तक की मदद प्रति व्यक्ति करेगा। इसकी पहल सिंडिकेट मेंबर अशोक गोयल ने रविवार को की थी। एक पत्र रजिस्ट्रार को लिखा था और सभी सदस्यों से मदद करने का आग्रह किया था। इस पत्र के बाद पीयू रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जाता है कि इसके लिए 105 मेंबर बचाव राहत देंगे। यह रकम भी लाखों में होगी।
पीयू कोरोना बचाव के लिए राशि देगा। सभी शिक्षकों व कर्मचारियों से पूछा जा रहा है कि वह कितनी मदद करना चाहेंगे। सभी की लिस्ट आने के बाद रकम पीएम केयर्स फंड के लिए भेज दी जाएगी।
---- विक्रम नैय्यर, एफडीओ, पंजाब विश्वविद्यालय