इसके चलते विभाग के वित्तिय सचिव तथा कमिश्नर अनुराग वर्मा ने उन्हें निलंबित कर दिया। लेकिन अब बिना चार्जशीट और जांच के विभाग की ओर से दिए गए बहाली के आदेश पर चर्चा का बाजार गर्म हो गया। गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर विपुल उज्जवल जो छुट्टी पर हैं, ने बताया कि विभाग के अधिकारी ही बता सकते हैं कि किस आधार पर बहाली की गई। इस संबंध में पंचायत विभाग के डायरेक्टर जसकीरत सिंह ने कहा कि मंत्री की सिफारिश पर सभी की केवल सस्पेंशन रद्द की गई है लेकिन आरोप मुक्त नहीं किया गया।
यह एक बड़ी साजिश: चौधरी
मंत्री अरुणा चौधरी ने कहा कि बिना जांच तथा चार्जशीट के बहाली क्यों की गई, उन्हें खुद नहीं पता। दो पीसीएस अफसरों की जांच के बाद यह सस्पेंशन हुई थी। मामले में इतनी क्या जल्दी थी, यह एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि मंत्री साहब की ऐसी क्या कमजोरी थी, यह तो वे ही बता सकते हैं। इस फैसले से वह बेहद आहत हैं। मुख्यमंत्री के सामने यह मुद्दा रखने पर अरुणा चौधरी ने कहा कि समय आने पर वह सब कुछ करेंगी।
जांच ही नहीं हुई, इसलिए बहाल किया: बाजवा
पंचायत मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा का कहना है कि बहाली की सिफारिश उन्हीं ने की है। इस केस में कोई जांच नहीं हुई। इस कारण उन्होंने अफसरों को बहाल किया है। लेकिन जब उनसे डीसी की ओर से करवाई जांच के बारे में कहा गया तो उन्होंने कहा कि वह इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाएंगे। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।