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जगदीश गगनेजा हमला मामला: शिवसेना नेता समेत चार प्रोडक्शन वारंट पर, 7 दिन की रिमांड

Fri, 26 Aug 2016 12:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
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जगदीश गगनेजा हमला मामला - फोटो : Amar Ujala
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आरएसएस नेता रिटायर्ड ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा पर हमले की वारदात में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस ने केस में अहम जानकारियां जुटाने के लिए लुधियाना जेल में बंद शिवसेना नेता अमित अरोड़ा समेत चार युवकों को प्रोडक्शन वारंट पर लिया है। सभी को जालंधर सीआईए लाकर पूछताछ शुरू कर दी है। कमिश्नर अर्पित शुक्ला का कहना है कि पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और साथ ही उन्हें कई सुराग मिले हैं।
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चारों आरोपियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां से उनको सात दिन के रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस ने जिस समय चारों आरोपियों शिव सेना नेता अमित अरोड़ा, सिमर डिसूजा, मनी और भारती को अदालत में पेश किया, इस दौरान परिसर में मीडिया के दाखिले पर प्रतिबंध लगा दिया गया। डिवीजन नंबर चार के एसएचओ परमजीत सिंह चारों आरोपियों को लुधियाना से लेकर आए और अदालत में पेश करने के बाद चारों को न्यायाधीश व अन्य अधिकारियों के वाहन के आने-जाने वाले रास्ते से निकाल लिया।
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जगदीश गगनेजा हमला मामला - फोटो : Amar Ujala
सीएम बादल ने केस को सीबीआई को ट्रांसफर करने का फैसला लिया था। इस बीच चार युवकों को लुधियाना जेल से लाने के बाद इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि केस की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पंजाब शिवसेना की युवा इकाई के अध्यक्ष अमित अरोड़ा की 3 फरवरी को कथित हत्या का प्रयास किया गया था। बाद में पता चला कि हमला खुद अरोड़ा की ओर से सुरक्षा और प्रचार पाने के लिए कराया गया था। 

जांच के दौरान यह साबित हुआ कि ये एक फर्जी मामला था। पुलिस ने अमित अरोड़ा, उसके सुरक्षा गार्ड ओम प्रकाश और एक अन्य व्यक्ति नौकरी मनी को गिरफ्तार कर लिया गया। शिवसेना नेता अमित अरोड़ा ने गनमैन और एस्कॉर्ट व्हीकल लेने के लिए ही खुद पर फायरिंग होने का ड्रामा रचा था। इसके लिए उसने सरिया काट गोली बनाई और उससे गर्दन पर चोट लगवाई। इसके लिए अपने नौकर मनी को 1 लाख रुपये और गनमैन ओम प्रकाश को प्रमोशन कर एएसआई बनवाने का लालच दिया था। पुलिस को गुमराह करने के लिए गाड़ी में गोली का खाली खोल भी फेंक दिया था। तभी से तीनों जेल में बंद थे और विचाराधीन थे। 
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