चिंटू की छह साल की बहन हादसे में बच गई। इसकी सूचना मिलते ही अग्रोहा थाना पुलिस टीम व एंबुलेंस मौके पर पहुंची। दीवार के नीचे दबे मजदूरों को जेसीबी से बाहर निकाल कर मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में भर्ती करवाया गया, जहां पर चिकित्सकों ने घायलों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने चारों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। थाना प्रभारी गुरमीत सिंह ने बताया कि मृतकों के परिजनों के बयान दर्ज कर कंपनी के ठेकेदार संजय के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
छह साल की मासूम अंजलि के सिर से उठा माता-पिता का साया
हादसे ने छह साल की अंजलि से उसके माता-पिता और भाई को छीन लिया। चूंकि हादसे के समय अंजलि घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर खेल रही थी, जिस कारण से वह बच गई। जींद जिले के गांव बिद्राना निवासी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार को चिकनवास से जगान रोड पर जगान गांव के समीप एक निजी कंपनी का निर्माण अलग-अलग पार्ट में चल रहा था।
इस दौरान कुछ मजदूर काम कर रहे थे तो वहीं कुछ मजदूर होली के चलते मध्यप्रदेश गए हुए थे। अंडरग्राउंड पानी के टैंक का निर्माण कार्य करीब 5-6 माह से चल रहा था। टैंक की दीवार का ऊपर का हिस्सा पहले ही गिर गया था। शुक्रवार सुबह नौ बजे उसी टैंक से 20-25 मजदूर मलबा हटा रहे थे।
करीब साढ़े 11 बजे ज्यादातर मजदूर मलबा हटाने के बाद वहां से चले गए। अब वहां पर लक्ष्मी, हरिप्रसाद व सोनिया काम कर रहे थे और पास में ही हरिप्रसाद का चार साल का बेटा वहां खेल रहा था। इसी दौरान दीवार का बाकी बचा हिस्सा भी ढह गया, जिसके मलबे के नीचे ये चारों दब गए। अंजलि टैंक के बाहर थोड़ी दूरी पर खेल रही थी। इस कारण से वह बच गई।