बाजार में खरीदारी का के पीछे कई कारण रहे। इसमें सबसे पहले सरकार ने यह ऐलान किया कि शहरों में लगने वाली साप्ताहिक मंडियां नहीं लगेगी। इससे भ्रम फैल गया कि शायद होलसेल मार्केट भी बंद हो जाएगी। वहीं शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता कर्फ्यू की बात कही तो सोशल मीडिया पर यह बात फैल गई कि रविवार के बाद कर्फ्यू लगने के आसार बन सकते है। इसी पैनिक में लोग बाजारों में उमड़ पड़े।
जालंधर: प्याज के दाम हुए दोगुने, हर सब्जी महंगी
एक तरफ कोरोना वायरस का खतरा बढ़ता जा रहा है वहीं दूसरी तरफ कालाबाजारी करने वाले इसका पूरा फायदा उठा रहे हैं। आलू प्याज को गोदामों में भरकर रख लिया गया है और भाव दोगुने कर दिए गए हैं। कुछ दिन पहले मंडी में थोक में प्याज 24 रुपये किलो बिक रहा था लेकिन शुक्रवार को इसका भाव 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया।
रातों रात सारा प्याज मंडी से गायब हो गया और गोदामों में स्टॉक कर लिया गया। इसी तरह से जो आलू 20 रुपये प्रति किलो थोक में था, शनिवार को उसका भाव 25 रुपये प्रति किलो क्रास कर गया। हालांकि आलू की पैदावार जालंधर में होती है और कोल्ड स्टोरों में आलू भरा पड़ा है। नई फसल की पुटाई भी लगातार हो रही है लेकिन दाम बढ़ रहे हैं।
टमाटर शुक्रवार को 15 रुपये किलो थोक में था, उसका रेट शनिवार को 40 रुपये किलो पहुंच गया था। रिटेल में 50 रुपये किलो भाव क्रास कर गया। 100 रुपये किलो थोक की अदरक अब 150 रुपये किलो पहुंच गई है। शिमला मिर्च से लेकर तमाम सब्जियों के थोक के भाव में 10 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है।
एक अनुमान के अनुसार शुक्रवार रात को मंडी में 50 हजार से अधिक लोग सब्जी खरीदने पहुंचे थे। वहीं डीसी वरिंदर शर्मा ने कहा कि कालाबाजारी किसी कीमत पर नहीं होने देंगे, जल्द ही टीमों को लेकर स्टाक करने वालों पर छापेमारी की जाएगी।