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दुनिया के टॉप 25 प्रदूषित शहरों में से 4 पंजाब के, ये मुख्य कारण

Mon, 16 May 2016 09:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

शहर की मौजूदा स्थिति
1100 टन कूड़ा निकलता है शहर से रोजाना 
1050 टन क्षमता का नया प्लांट लगा है ट्रीटमेंट के लिए
1500 टन तक बढ़ाई जाएगी इसकी क्षमता 
15 लाख वाहन रोजाना दौड़ते हैं शहर की सड़कों पर 
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लुधियाना में मिले बम की जांच करती टीम। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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दुनिया के टॉप 25 प्रदूषित शहरों में 4 शहर पंजाब के हैं। इनमें लुधियाना, खन्ना, अमृतसर और मंडी गोबिंदगढ़ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। इसमें लुधियाना 12वें, खन्ना 16वें, अमृतसर 21वें और मंडी गोबिंदगढ़ 22वें स्थान पर है।
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विश्व के दस सबसे प्रदूषित शहरों में लुधियाना के शामिल होने से स्मार्ट सिटी बनने जा रहे लुधियाना के दावों की पोल खोल कर रख दी है। 
शहर में बुड्ढा नाला प्रदूषण का बड़ा कारण है। शहर के 14 किलोमीटर इलाके से गुजर रहे नाले के आसपास लाखों की संख्या में लोग रहते हैं और प्रदूषण का असर उनकी सेहत पर हो रहा है। हालांकि बुडढे नाले को प्रदूषण मुक्त करने के लिए कई कमेटियां बन चुकी हैं, करोड़ों खर्च किया जा चुका है, बावजूद इसके समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। 

पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी का कहना है कि जब तक सूबा सरकार नाले को लेकर गंभीर नहीं होती, इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो सकता। उनका दावा है कि अपने कार्यकाल में उन्होंने नाले की सफाई के लिए करीब पचास करोड़ रुपये का फंड केंद्र से हासिल किया था, लेकिन सूबा सरकार ने इस फंड को डायवर्ट कर दिया। इसके अलावा बायो रेमिडेशन प्रोजेक्ट के लिए 22 करोड़ का फंड लाया, लेकिन सूबा सरकार की सुस्ती के कारण इसका भी लाभ नहीं हुआ।
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शहर से रोजाना 1100 टन कूड़ा

ठ‌िकाने लगेगा कूड़ा। - फोटो : अमर उजाला
शहर से रोजाना 1100 टन कूड़ा निकल रहा है, लेकिन कूड़े के प्रबंधन के लिए फिलहाल कोई इंतजाम नहीं है। सारे कूड़े को ताजपुर रोड स्थित डंप पर जमा किया जा रहा है। 

कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी संभाल रही एटूजेड कंपनी के डिप्टी जीएम विशांत चौधरी का दावा है कि सारे कूड़े को रोजाना उठाया जा रहा है। कूड़े की ट्रीटमेंट के लिए 1050 टन क्षमता का नया प्लांट लगा दिया गया है। बाद में इसकी क्षमता 1500 टन तक की जाएगी। यह प्लांट इसी माह के दौरान चालू कर दिया जाएगा। कूड़े की ट्रीटमेंट के बाद 200 से 250 टन रिफ्यूज ड्राईड फ्यूल (आरडीएफ) निकलेगा, नकोदर ले जाकर इस आरडीएफ से बिजली पैदा की जाएगी। शहर की सड़कों पर रोजाना 15 लाख वाहन दौड़ते हैं। 

शहर के प्रदूषण में वाहनों से होने वाले ट्रैफिक का 15 से बीस फीसदी योगदान है। दूसरे दिन भर जाम की स्थिति रहती है। पंजाब स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल के वाइस चेयरमैन एवं नेशनल रोड सेफ्टी काउंसिल के सदस्य डा. कमलजीत सोई का तर्क है कि लुधियाना में वाहनों की बढ़ रही संख्या भी प्रदूषण का बड़ा कारण है। इसे कम करने के लिए सीएनजी को बढ़ावा देना होगा। सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को मजबूत करना होगा। डीजल वाले ऑटो बंद करने होंगे। ई रिक्षा को तवज्जो देनी होगी।
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