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पंजाब: नशा और हथियार तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई, सेना के जवान समेत चार आरोपी गिरफ्तार

Tue, 21 Jul 2020 12:59 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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पंजाब पुलिस ने गैरकानूनी हथियारों और नशा तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश करते हुए बीएसएफ के एक जवान और तीन अन्य व्यक्तियों की गिरफ्तारी के बाद अब इसी मामले में सेना के जवान समेत चार और लोगों को गिरफ्तार किया है। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि इस केस में अब तक आठ व्यक्ति गिरफ्तार किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में पैसों के बड़े लेनदेन की जांच में जुटी है। 

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डीजीपी ने बताया कि बीएसएफ के सिपाही सुमित कुमार के खुलासों के आधार पर भारतीय सेना के एक सिपाही रमनदीप सिंह को बरेली (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया है, जहां वह इस समय तैनात था। पुलिस ने रमनदीप के तीन साथी तरनजोत सिंह उर्फ तन्ना, जगजीत सिंह उर्फ लाडी और सतींद्र सिंह उर्फ काला को भी गिरफ्तार किया है और उन्हें प्रोडेक्शन वारंट पर लाया जा रहा है। काले के कब्जे से नशे की रकम के तौर पर 10 लाख रुपये की राशि बरामद की गई है, जिससे इस मामले में जब्त की गई कुल राशि 42.30 लाख रुपये हो गई है।

डीजीपी ने बताया कि सुमित भी गांव मगर मुडियां थाना दोरांगला जिला गुरदासपुर से संबंधित है, जहां का रमनदीप है। उसने पूछताछ के दौरान खुलासा किया था कि उसे उसके गांव के सहपाठी जवान सुमित ने सरहद पार से नशीली वस्तुएं और हथियारों की तस्करी के रैकेट में फंसाया है। यह दोनों अपने गांव में कत्ल करने के बाद गुरदासपुर जेल में एक साथ बंद थे। सुमित कुमार 4 जनवरी 2018 को और रमनदीप सिंह 14 सितंबर 2019 जमानत पर बाहर आ गया था।

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डीजीपी के अनुसार रमनदीप, अपने साथियों तरनजोत सिंह उर्फ तन्ना और सतीन्द्र सिंह उर्फ काला के साथ साजिश रचकर नशे और हथियारों की तस्करी का रैकेट चला रहा था। काला, कुछ समय अमृतसर जेल में बंद था, जहां वह एक पाकिस्तानी नागरिक मौलवी उर्फ मुल्ला के संपर्क में आया, जिसने उसकी पाकिस्तानी तस्करों से जान-पहचान करवाई। 

गुप्ता ने बताया कि अमृतसर जेल से सतीन्द्र को कपूरथला जेल में तबदील कर दिया गया था, जहां उसने तरनजोत सिंह उर्फ तन्ना से दोस्ती की और उसे अपना साथी बना लिया। काला ने इस रैकेट में बीएसएफ के एक जवान की शमूलियत की जरूरत के बारे में बताने के बाद रमनदीप सिंह ने सुमित कुमार को भी नशा तस्करी के काम में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। 

गिरोह के कामकाज की जानकारी देते हुए डीजीपी ने कहा कि सुमित सरहद पर लगी कंटीली तार, नशा सप्लाई करने वाले स्थानों और अन्य स्थानों की तस्वीरें तन्ना और काला को भेजता था। पूर्व-निर्धारित समय और स्थान पर भारत वाले हिस्से से खेप की सुपुर्दगी के बाद तन्ना के तीन अन्य साथी इसे सुमित कुमार के पास से एकत्रित करते थे। 
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गुप्ता ने बताया कि जगजीत सिंह उर्फ लाडी नशे की खेपों को ठिकाने लगाने के लिए उन्हें अपनी स्विफ्ट कार मुहैया करवाता था। डीजीपी ने बताया कि अब तक की गई जांच के आधार पर इन मुलजिमों की तरफ से 42 पैकेट हेरोइन, 9 एमएम की विदेशी पिस्तौल (80 कारतूस और 12 बोर बंदूक के 2 कारतूस) तस्करी किए जाने का शक है। उन्होंने यह भी कहा कि उनको अब तक पाकिस्तान आधारित तस्करों से नशीले पदार्थों की आमद से 39 लाख प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस राशि में से 39 लाख सुमित कुमार द्वारा अपने इन साथियों और रमनदीप सिंह के बीच बराबर बांटने के लिए प्राप्त हुए।

पैसे के लेनदेन पर नजर रखी तो तस्करी के केस उजागर: डीजीपी
पंजाब डीजीपी ने कहा कि पुलिस ने नार्को आतंकवाद सप्लाई चेन तोड़ने के लिए पाकिस्तान, यूएई और भारत के अलग-अलग हिस्सों जैसे कि पंजाब, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली आदि में नशा तस्करी और सप्लाई और पैसों के लेन-देन की रणनीति पर निगरानी रखकर अलग-अलग स्थानों पर सख्त कार्रवाई की, इस तस्कर गिरोह का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है, जोकि आईएसआई और अन्य पाक संस्थाओं की तरफ से आतंकवादी कार्रवाई के लिए वित्तीय सहायता करने के तौर पर सीधी निगरानी अधीन चलाया जा रहा है।
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