चंडीगढ़ में बढ़ रही आपराधिक वारदातों पर रविवार को फासवेक की बैठक में लोगों का गुस्सा फूटा। फासवेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि पुलिस रेजिडेंट्स एसोसिएशनों पर अपने खर्चे से सीसीटीवी कैमरे लगवाने का दबाव बना रही है।
फासवेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि पुलिस रेजिडेंट्स एसोसिएशनों पर अपने खर्चे से सीसीटीवी कैमरे लगवाने का दबाव बना रही है। अगर हर घर में लोगों को सीसीटीवी कैमरे लगाकर सुरक्षा करनी है तो फिर पुलिस की क्या जरूरत है। सेक्टर-8 के सामुदायिक केंद्र में आयोजित बैठक में लोगों ने कहा कि जब पुलिस भी कोई अपराधियों को पकड़ती है तो उनके मुंह काले कपड़े से ढंक कर तस्वीरें खीचकर वाहवाही लूटती है। जबकि अपराधियों की पहचान उजागर की जानी चाहिए ताकि शहरवासियों को भी पता लग सके कि कौन अपराधी है। लोगों ने कहा कि 15 दिन बाद जेल से छूटने के बाद अपराधी फिर से चोरी की वारदातों में लग जाते हैं।
पुलिस सिर्फ बीट बाक्स में बैठी रहती है, जबकि आईजी कह रहे हैं कि पुलिस लोगों से जाकर मिले, जबकि ऐसा नहीं हो रहा है। फासवेक चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने बैठक में कहा कि अंदरूनी सड़कों पर तो सीसीटीवी कैमरे लगाए जा सकते हैं, लेकिन हर घर में कैमरे लगाना संभव नहीं है। इससे घरवालों की प्राइवेसी खत्म होती है। बिट्टू ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे लगाने के खर्चे में प्रशासन को भी सहयोग देना चाहिए। बिट्टू ने कहा कि बीट बाक्स रिहायशी इलाकों के प्रवेश द्वार पर लगाए जाएं। लोगों ने कहा कि इस समय नाबालिग भी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ने से घबराती है। शहर में संदिग्ध लोग वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे हैं, लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पा रही है। वारदात के बाद पुलिस इतना कह देती है कि नंबर ट्रेस नहीं हो रहा है। बीट बाक्स रिहायशी इलाकों के अंदर नहीं बल्कि प्रवेश द्वार पर लगने चाहिए।
बंद न की जाए मल्टीलेबल पार्किंग
लोगों ने कहा कि नगर निगम को मल्टीलेवल पार्किंग बंद नहीं करनी चाहिए । सरकार अस्पताल चलाती है क्या वह प्रॉफिट देखकर चलाती है। सरकार को लोगों के वेलफेयर के लिए काम करने चाहिए न कि एक कारपोरेट कंपनी की तरह काम करना चाहिए। इस मौके पर फासवेक के महासचिव जेएस गोगिया सहित कई रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया।