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‘CCTV कैमरे से सुरक्षा करनी है तो फिर पुलिस की क्या जरूरत’? फासवेक में फूटा गुस्सा

Mon, 15 Aug 2016 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
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Foswak Meeting - फोटो : amar ujala
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चंडीगढ़ में बढ़ रही आपराधिक वारदातों पर रविवार को फासवेक की बैठक में लोगों का गुस्सा फूटा। फासवेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि पुलिस रेजिडेंट्स एसोसिएशनों पर अपने खर्चे से सीसीटीवी कैमरे लगवाने का दबाव बना रही है। 
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फासवेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि पुलिस रेजिडेंट्स एसोसिएशनों पर अपने खर्चे से सीसीटीवी कैमरे लगवाने का दबाव बना रही है। अगर हर घर में लोगों को सीसीटीवी कैमरे लगाकर सुरक्षा करनी है तो फिर पुलिस की क्या जरूरत है। सेक्टर-8 के सामुदायिक केंद्र में आयोजित बैठक में लोगों ने कहा कि जब पुलिस भी कोई अपराधियों को पकड़ती है तो उनके मुंह काले कपड़े से ढंक कर तस्वीरें खीचकर वाहवाही लूटती है। जबकि अपराधियों की पहचान उजागर की जानी चाहिए ताकि शहरवासियों को भी पता लग सके कि कौन अपराधी है। लोगों ने कहा कि 15 दिन बाद जेल से छूटने के बाद अपराधी फिर से चोरी की वारदातों में लग जाते हैं। 

पुलिस सिर्फ बीट बाक्स में बैठी रहती है, जबकि आईजी कह रहे हैं कि पुलिस लोगों से जाकर मिले, जबकि ऐसा नहीं हो रहा है। फासवेक चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने बैठक में कहा कि अंदरूनी सड़कों पर तो सीसीटीवी कैमरे लगाए जा सकते हैं, लेकिन हर घर में कैमरे लगाना संभव नहीं है। इससे घरवालों की प्राइवेसी खत्म होती है। बिट्टू ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे लगाने के खर्चे में प्रशासन को भी सहयोग देना चाहिए। बिट्टू ने कहा कि बीट बाक्स रिहायशी इलाकों के प्रवेश द्वार पर लगाए जाएं। लोगों ने कहा कि इस समय नाबालिग भी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ने से घबराती है। शहर में संदिग्ध लोग वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे हैं, लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पा रही है। वारदात के बाद पुलिस इतना कह देती है कि नंबर ट्रेस नहीं हो रहा है। बीट बाक्स रिहायशी इलाकों के अंदर नहीं बल्कि प्रवेश द्वार पर लगने चाहिए। 
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बंद न की जाए मल्टीलेबल पार्किंग
लोगों ने कहा कि नगर निगम को मल्टीलेवल पार्किंग बंद नहीं करनी चाहिए । सरकार अस्पताल चलाती है क्या वह प्रॉफिट देखकर चलाती है। सरकार को लोगों के वेलफेयर के लिए काम करने चाहिए न कि एक कारपोरेट कंपनी की तरह काम करना चाहिए। इस मौके पर फासवेक के महासचिव जेएस गोगिया सहित कई रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया।

 
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सीनियर सिटीजन के जाने पर लगाई रोक

Foswak Meeting - फोटो : amar ujala
रेट न बढ़ाकर सिर्फ हो रही है राजनीति
फासवेक की बैठक में चेयरमैन बलजिंदर सिंह ने कहा कि पार्किंग के रेट में मामूली इजाफा हो जाना चाहिए लेकिन कांग्रेस और भाजपा सिर्फ राजनीति करके इसे बढ़ा नहीं रही है जिस कारण लोगों को पार्किगों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दलों की राजनीति के कारण ठेकेदार जमकर ओवरचार्जिंग कर रहे हैं जिसे नगर निगम रोक नहीं पा रही हैं। बिट्टू ने कहा कि वोट राजनीति से नहीं बल्कि सिस्टम सुधार करने से मिलेगी। 

सीनियर सिटीजन के जाने पर लगाई रोक
सेक्टर-18 से आए सीनियर सिटीजन कर्नल सराओ ने कहा कि पहले सामुदायिक केंद्रों में सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक सीनियर सिटीजन को जाने की मंजूरी थी लेकिन नगर निगम से सीनियर सिटीजन की इस सुविधा पर अब पाबंदी लगा दी है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक केंद्रों की गवर्निंग बॉडी की प्रतिदिन की कार्रवाई भी लोगों से छीन कर राजनेताओं के हाथों में दे दी गई है जबकि लाइफ मेंबरशिप भी समाप्त कर दी गई है। इसका रेजिडेंट्स में भारी रोष है। बैठक में रजत्त मल्होत्रा, सुरेंद्र शर्मा ने भी अपने विचार रखे। 

अपनी मंडी में सुविधा न देने से रोष
इस मौके पर लोगों ने यह भी कहा कि नगर निगम शहर में अपनी मंडियों से वेंडर्स से फीस लेता है लेकिन मंडी में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई जाती। अपनी मंडी में न तो पीने की पानी की सुविधा है और सफाई की अच्छी व्यवस्था है। बारिश के समय वहां पर कीचड़ हो जाता है।

दीवार बनाई फिर तोड़ दी
बैठक में कर्नल गुर सेवक सिंह ने बताया कि मनीमाजरा में पिछले दिनों लोगों की अपील पर हाउसिंग बोर्ड के घरों और गांव के बीचों बीच एक दीवार सरकारी तौर पर बनाई गई लेकिन शाम को लोकल नेताओं के हस्तक्षेप के बाद वह दीवार तोड़ दी गई।
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