हरियाणा के गुरुग्राम स्थित फोर्टिस अस्पताल के लिए दिल्ली की मासूम आद्या की मौत गले की फांस बन गई है। डॉ. बडेरा कमेटी की जांच रिपोर्ट से अस्पताल प्रबंधन की दिक्कतें बढ़ती ही जा रही हैं।
इलाज के दौरान घोर लापरवाही से आद्या की मौत का खुलासा होने पर सरकार ने भी अस्पताल की पूरी घेराबंदी कर दी है। आपराधिक के साथ अस्पताल के खिलाफ तीन प्रकार की सिविल कार्रवाई भी जा रही है। फोर्टिस अस्पताल में संचालित फार्मेसी का लाइसेंस पर भी सस्पेंड या रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है।
जांच में पाई गई कमियों व अन्य खामियों को दूर करने के लिए ड्रग कंट्रोलर विभाग ने नोटिस थमा दिया है। अस्पताल का जवाब संतोषजनक न होने पर ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1945 के तहत फार्मेसी का लाइसेंस सस्पेंड हो सकता है। विभाग इसे रद्द करने भी गुरेज नहीं करेगा।
जांच रिपोर्ट के आधार पर फोर्टिस अस्पताल के ब्लड बैंक को भी नोटिस दिया गया है। जवाब देने के लिए 15 दिन का समय है। जवाब के आधार पर ब्लड बैंक के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। जवाब से सरकार के संतुष्ट न होने पर लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने हुडा को पहले ही जांच कर लीज रद्द करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए हुए हैं। चूंकि, अस्पताल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के इलाज से संबंधित शर्तों और एग्रीमेंट की अवहेलना कर रहा है। जांच में इसकी पुष्टि होने पर हुडा नियमों के अनुसार लीज भी रद्द हो सकती है।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा है कि गुरुग्राम में स्वास्थ्य विभाग के मामला दर्ज कराने के बाद पुलिस जांच शुरू हो गई है। जांच के दौरान पुलिस धाराएं बढ़ा भी सकती हैं। जरूरत पड़ने पर एफआईआर में और लोगों का नाम भी शामिल किया जाएगा। आद्या को डेंगू होने की जानकारी सीएमओ गुरुग्राम को न देने पर फोर्टिस के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत पुलिस में केस दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।