टिकट सूची जारी होते ही कांग्रेस में बगावत का डंका बज गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश ने पार्टी को अलविदा कहते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी।
कलायत में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए जयप्रकाश ने कहा कि 17 वर्षों तक पार्टी की सेवा करने के बावजूद उनके साथ विश्वासघात किया गया। इस अवसर उन्होंने मुख्यमंत्री हुड्डा और सुरजेवाला पर जमकर हमला बोला।
जेपी ने कहा कि वे उनके चक्रव्यूह से निकल कर जनता की अदालत में पहुंच गए है जिसका फैसला स्वयं जनता ने लेना है। जेपी ने कहा कि उनको जींद, कुरुक्षेत्र, रादौर तथा बरौदा से टिकट दिए जाने का प्रलोभन दिया गया पर कलायत से नहीं।
संबोधन के दौरान जेपी काफी भावुक दिखे। जयप्रकाश ने कहा कि वे अब किसी भी पार्टी के टिकट पर चुनाव नही लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वे अब किसान, मजदूर, व्यापारी, मुडाढ़ चौंतरा व पवित्र कपिल तीर्थ की टिकट पर ही चुनाव लड़ेंगे। कुरुभूमि पर अब याचना नही रण होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि इनेलो के विधायक रामपाल माजरा व कैथल के कांग्रेसी विधायक रणदीप सुरजेवाला ने फिक्सिंग करके कलायत का विनाश कर दिया।
उध्ार, पानीपत ग्रामीण हलके से टिकट नहीं मिलने से खफा चौधरी जगदेव मलिक ने कांग्रेस अलविदा कह दिया। उन्होंने पानीपत ग्रामीण हलके से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की। उन्हें पानीपत में हुड्डा का करीबी माना जाता था।