पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के पूर्व विधायक बलदेव सिंह ने नागरिकता संशोधन बिल पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि मैं व मेरा परिवार बहुत खुश है क्योंकि यह बिल हमारे लिए अमृत से कम नहीं है। इससे हमें जीने की राह मिल गई।
मैं और मेरा परिवार तहे दिल से मौजूदा सरकार का धन्यवाद करते हैं। भावुक बलदेव ने कहा कि इस बिल से पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों को हिंदुस्तान की सरकार ने जीवनदान दिया है। उन्होंने हिंदुस्तान की सरकार खास तौर पर गृहमंत्री अमित शाह का धन्यवाद किया।
सुखबीर ने किया पीड़ित मुस्लिमों को दायरे में लाने का अनुरोध
शिरोमणि अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल ने नागरिकता संशोधन विधेयक का समर्थन करते हुए पीड़ित मुस्लिम भाईचारे को भी इसके दायरे में लाने का अनुरोध किया। ऐसा करने से भारत के धर्म निरपेक्ष स्टेटस की रक्षा होगी, एनडीए के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे लोगों की जुबान बंद हो जाएगी। संसद में बहस में भाग लेते हुए सुखबीर ने कहा कि ऐसे बहुत से मामले हैं, जहां मुसलमानों पर अपने ही धर्म में अत्याचार होता है।
दुनिया भर में रहने वाले अहमदिया भाईचारे का हेडक्वार्टर पंजाब के कादियां में है। ये भाईचारा पाकिस्तान में अल्पसंख्यक है, उन पर वहां अत्याचार होते हैं। वे नमाज नहीं पढ़ सकते, उनके हाथ काट दिए जाते हैं। भारत एक धर्म निरपेक्ष देश हैं, दुनिया के सभी धर्म यहां हैं। सिख धर्म हमेशा धर्म निरपेक्षता सिखाता है।
श्री गुरु अर्जुन देव जी ने श्री हरमंदिर साहिब के निर्माण में पहली ईंट मुस्लिम फकीर साईं मियां मीर से रखवाई थी। श्री गुरु नानक देव जी ने भी यही संदेश दिया था कि कोई हिंदू या मुसलमान नहीं, सब एक परमात्मा की संतानें हैं। वहीं, पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों में घुटन का माहौल है। तालिबान के डर से कई साल पहले अफगानिस्तान से आए सिखों, हिंदुओं को नागरिकता न होने के कारण समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। संशोधन के बाद इन्हें नागरिकता मिल जाएगी।