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पंजाब में चरम पर सियासत: कैप्टन अमरिंदर सिंह पहुंचे दिल्ली, केजरीवाल पंजाब में खेल गए मास्टर स्ट्रोक

Mon, 21 Jun 2021 02:44 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

वैक्सीन विवाद और फतेह किट घोटाले में विपक्ष का हमला झेल रहे कैप्टन अपने ही दो विधायकों के बेटों को सरकारी नौकरी देने के फैसले से दोबारा आलोचना का शिकार हो रहे हैं। 
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कैप्टन अमरिंदर सिंह और अरविंद केजरीवाल। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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विधानसभा चुनाव की कगार पर खड़े पंजाब की सियासत रोज रंग बदल रही है। पंजाब कांग्रेस में अंतर्कलह चल रही है। नवजोत सिद्धू कैप्टन की सरदारी मानने को तैयार नहीं हैं। कोटकपूरा गोलीकांड पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद से पार्टी में जो विरोधी सुर उठे तो उन्हें दबाने के लिए हाईकमान को आगे आना पड़ा। इसी मामले में पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह सोमवार को दिल्ली पहुंचे।

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वहीं  दिल्ली से बाहर पार्टी को मजबूत करने में जुटे दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल अमृतसर पहुंचे और पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप को पार्टी में शामिल करवाया। इसके साथ ही सिख को सीएम बनाने की बड़ी घोषणा भी कर गए। एक बड़ी विडंबना ये है कि सोमवार को पंजाब की सियासत के जो रंग दिखे उसमें कोटकपूरा गोलीकांड की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख रहे कुंवर विजय प्रताप सिंह का नाम सबसे ऊपर रहा। कोटकपूरा गोलीकांड में आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह की रिपोर्ट को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। इसके बाद ही पंजाब कांग्रेस में कलह शुरू हुई वहीं इस्तीफे के बाद से कुंवर विजय प्रताप सिंह के राजनीति में आने की चर्चाएं हो रही थी। इन पर भी सोमवार को विराम लग गया।  

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एक के बाद एक विवाद में फंस रहे कैप्टन

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल के सबसे बड़े राजनैतिक संकट से जूझ रहे हैं। कैप्टन से रार थामने के अगुआ पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू बने, लेकिन उनके पीछे कई विधायकों ने खुलेआम तो कई ने दबे शब्दों में कैप्टन पर सवाल उठाए।

हालांकि हाईकमान ये साफ कर चुका है कि चाहे जो भी हो, पंजाब के कैप्टन अमरिंदर ही बने रहेंगे लेकिन बगावत तो हो चुकी है। इसका खामियाजा कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में सरकार खोकर न चुकाना पड़े, इस लिए कैप्टन आलाकमान से मिलने सोमवार को दिल्ली पहुंचे है। वैक्सीन विवाद और फतेह किट घोटाले में विपक्ष का हमला झेल रहे कैप्टन अपने ही दो विधायकों के बेटों को सरकारी नौकरी देने के फैसले से दोबारा आलोचना का शिकार हो रहे हैं। 
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केजरीवाल का वादा, पंजाब में जल्द दिखेगा बदलाव

आम आदमी पार्टी ने सोमवार को पंजाब में मास्टर स्ट्रोक खेला। अमृतसर में पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप को आम आदमी पार्टी में शामिल करवाया। इसे पंजाब की सियासत में यह बड़ा उलट फेर माना जा रहा है। केजरीवाल ने एलान किया कि आम आदमी पार्टी इस बार सीएम चेहरे के साथ पंजाब विधानसभा चुनाव में उतरेगी। पार्टी का सीएम उम्मीदवार सिख होगा और वह सबको पसंद आएगा। इस दौरान कुंवर के लिए केजरीवाल ने कहा कि ये भी अफसर थे और मैं भी अफसर था। कुंवर नेता नहीं हैं, इनके मां बाप भी नेता नहीं थे, मैं भी नेता नहीं, हमारी नेताओं की पार्टी नहीं है। हम देश के लिए आए हैं।  

केजरीवाल ने कहा कि कुंवर आम आदमी के पुलिस वाले थे, इसलिए पंजाब की जनता इन्हें जानती है। बरगाड़ी कांड में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए इन्होंने अपनी नौकरी भी छोड़ दी। कांड के दोषी खुलेआम घूम रहे हैं, 2022 में आप की सरकार बनते ही इस कांड को करने वाले मास्टरमाइंड को जेल में डाला जाएगा। केजरीवाल बोले कि पंजाब सरकार में कुर्सी के लिए कुत्ते और बिल्ली की लड़ाई चल रही है। जनता के दुखों से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने शिअद को भी घेरा। भाजपा पर तंज कसते हुए केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में एक ऐसी पार्टी है जिनके लोगों को पंजाब के लोग घर में नहीं घुसने देते। अब पंजाब के लोग बदलाव चाहते है, जल्द ही बदलाव दिखेगा। आप मे शामिल हुए पूर्व आइजी कुंवर विजय प्रताप ने कहा कि पंजाब में अब क्रांति आएगी, जो पूरा हिंदुस्तान देखेगा।
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