प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी और सेवानिवृत्त डीआईजी बलवीर सिंह कुलार का सोमवार को उनके गांव संसारपुर में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान जिले भर के दिग्गज राजनीतिज्ञ, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। उनकी चिता को मुखाग्नि बेटा कमल वीर सिंह सन्नी ने दी।
बलवीर सिंह कुलार का रविवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। सोमवार सुबह उनकी अंतिम यात्रा में जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह, पुलिस कमिश्नर जीपीएस भुल्लर, डीसीपी अमरीक सिंह पवार, सुरिंदर भापा शामिल हुए। ओलंपियन बलवीर सिंह का जन्म 1942 में संसारपुर में हुआ था।
उन्होंने हॉकी की शुरुआत स्कूल में पढ़ाई के दौरान की थी। पढ़ाई के साथ-साथ अच्छा खेलने के कारण पंजाब सरकार ने इन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया था। उसके बाद बलवीर सिंह ने हॉकी जगत में पीछे मुड़कर नहीं देखा। 1962 में उन्हें पंजाब सरकार ने पंजाब पुलिस में बतौर एएसआई नियुक्त किया।
बलवीर सिंह कुलार ने 1963 में भारतीय टीम की तरफ से पहला इंटरनेशनल मैच फ्रांस में खेला। इसके बाद उन्होंने ईस्ट अफ्रीका, ईस्ट जर्मनी, इंग्लैंड, नीदरलैंड, इटली, केन्या और न्यूजीलैंड सहित कई देशों में अपने खेल का परचम लहराया। कुलार 1966 में बैंकाक एशियाई गेम्स में स्वर्ण पदक, 1968 में मैक्सिको ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे।
1999 में अर्जुन अवार्ड और 2009 में पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया था। 77 वर्षीय हॉकी खिलाड़ी का निधन शुक्रवार शाम उनके संसारपुर स्थित अपने घर में हो गया था। वह 2 दिन बाद कनाडा में रहते बेटे के पास जाने की तैयारी कर रहे थे। बलवीर सिंह कुलार के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और दो बेटियां हैं। पद्मश्री परगट सिंह ने कहा कि ओलंपियन बलवीर सिंह कुलार के खेल का पूरा विश्व कायल था और मौजूदा पीढ़ी को उनसे काफी सीखने की जरूरत है।