कट्टरपंथी सिख उपदेशक और स्वयंभू अलगाववादी नेता अमृतपाल सिंह द्वारा खुद को भारत का नागरिक न मानने के बयान पर बुधवार को पूर्व राजनयिक केसी सिंह ने कहा है कि अमृतपाल सिंह को अपना भारतीय पासपोर्ट सरेंडर कर देना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र से खुद को स्टेटलेस (राज्यविहीन) व्यक्ति बताकर शरणार्थी के तौर पर पहचान पत्र ले लेना चाहिए, क्योंकि वह जिस खालिस्तान की बात कर रहे हैं, वह अमृतपाल के दिमाग में ही है।
ईरान और यूएई में भारत के राजदूत रह चुके केसी सिंह जोकि पंजाब में राजनीतिक दल सुनहरा पंजाब पार्टी का गठन कर सियासत में उतरे हैं, ने कहा कि अमृतपाल खुद को भारतीय नागरिक नहीं मानता है। ऐसे में उसे संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) से स्टेटलेस व्यक्ति के रूप में पहचान प्राप्त करनी चाहिए।
गौरतलब है कि अमृतपाल ने भारतीय पासपोर्ट को महज एक यात्रा दस्तावेज करार देते हुए कहा था कि पासपोर्ट उन्हें भारतीय नहीं बनाता। अमृतपाल ने अलग राज्य की अपनी मांग का बचाव करते हुए हिंदू राष्ट्र और खालिस्तान के बीच तुलना भी की। साथ ही, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अपनी टिप्पणी से यू-टर्न भी लिया था।
अमृतपाल के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केसी सिंह ने ट्वीट किया, ‘वह भारतीय पासपोर्ट पर दुबई में था। उसने खुद को भारतीय नागरिक घोषित किया है। उसे अपना पासपोर्ट सरेंडर कर देना चाहिए। उसे यूएनएचसीआर से आईडी प्राप्त करना चाहिए, क्योंकि उसके दिमाग में सिर्फ खालिस्तान है। भारत सरकार को उसे किसी भी देश में भेज देना चाहिए या उसे विदेशी के रूप में नजरबंद कर देना चाहिए।’