1991 के बलवंत सिंह मुल्तानी अपहरण मामले में पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी आरोपी हैं। पहली याचिका में सैनी ने मामले की पंजाब से बाहर किसी अन्य जांच एजेंसी या सीबीआई से जांच की मांग की थी। सैनी ने याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ मोहाली पुलिस ने मटौर थाने में 6 मई को एफआईआर दर्ज की है।
यह पूरी तरह से राजनीतिक रंजिश के तहत दायर की गई है। इस एफआईआर पर पंजाब पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती है, लिहाजा इस मामले की सीबीआई या राज्य के बाहर की किसी जांच एजेंसी से जांच करवाई जाए। दूसरी याचिका सैनी ने मोहाली की ट्रायल कोर्ट द्वारा 1 सितंबर को उनकी अंतरिम जमानत को खारिज किए जाने के खिलाफ दायर की है।
सैनी ने न्यायालय से अग्रिम जमानत की अपील की है। इस याचिका में सैनी ने कहा है की एफआईआर जिस घटना से जुड़ी है, वह 29 साल पुरानी है। इस घटना को लेकर जिस पूर्व पुलिसकर्मी ने आरोप लगाए थे वह भी अब 5 वर्ष पुराने हो गए हैं। इस मामले में मोहाली जिला अदालत उन्हें पहले 11 मई को अग्रिम जमानत भी दे चुकी थी।
बाद में पुलिस ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में धारा-302 को भी जोड़ दिया और अब मोहाली की ट्रायल कोर्ट ने 1 सितंबर को उन्हें दी गई अंतरिम जमानत खारिज कर दी है। सैनी का आरोप है कि उनके खिलाफ यह पूरा मामला राजनीतिक रंजिश के तहत ही दर्ज किया गया है।