प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल।
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कोटकपूरा गोलीकांड केस में चार्जशीट पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने फरीदकोट जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। याचिका पर 14 मार्च को अतिरिक्त जिला व सेशन जज राजीव कालड़ा की अदालत में सुनवाई होगी। कोटकपूरा गोलीकांड केस में एसआईटी ने 24 फरवरी को चार्जशीट दाखिल की थी। छह मार्च को जेएमआईसी की अदालत ने दोनों बादलों समेत अन्य आरोपियों को नोटिस जारी करके 23 मार्च को पेश होने के आदेश दिए थे।
कोटकपूरा गोलीकांड की जांच कर रहे पंजाब पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने स्थानीय अदालत में सात हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। एसआईटी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के अलावा तत्कालीन डीजीपी सुमेध सिंह सैनी व कोटकपूरा सिटी के थाना प्रभारी (एसएचओ) समेत छह पुलिस अधिकारियों को भी आरोपी बनाया है। इन सभी पर इरादा-ए-कत्ल, आपराधिक साजिश रचने व तथ्यों से छेड़छाड़ करने समेत अन्य गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
चार्जशीट के अनुसार कोटकपूरा गोलीकांड की घटना में तत्कालीन डीजीपी सैनी व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है, जबकि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर साजिश को अंजाम देने में मदद करने का आरोप लगाया गया है। तत्कालीन आईजी उमरानंगल, डीआईजी फिरोजपुर अमर सिंह चाहल व एसएसपी मोगा चरनजीत सिंह शर्मा पर साजिश को अंजाम देने का आरोप है। इसी तरह फरीदकोट के तत्कालीन एसएसपी सुखमंदर सिंह मान व कोटकपूरा के एसएचओ गुरदीप सिंह पर साजिश को अंजाम देने, तथ्यों को छिपाने और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप है। एसआईटी ने अभी वर्ष 2018 वाली एफआईआर में ही चार्जशीट दाखिल की है, जबकि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर मामले में अगली सुनवाई छह मार्च को है।
यह है मामला
12 अक्टूबर, 2015 को फरीदकोट के बरगाड़ी में श्री गुरुग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप की बेअदबी की घटना के बाद कोटकपूरा व बहिबल कलां में चल रहे प्रदर्शनों को पुलिस ने 14 अक्तूबर को बल प्रयोग कर खत्म करवाया था। बहिबल कलां गोलीकांड में दो सिख युवकों की मौत हो गई थी, जबकि कोटकपूरा गोलीकांड की घटना में करीब 100 प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। साल 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को चार्जशीट किया था।