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हरीश रावत की नाराजगी: कैप्टन अमरिंदर बोले-जो बोओगे, वही काटोगे, मनीष तिवारी ने भी ली चुटकी

Thu, 23 Dec 2021 11:24 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

इस साल के शुरुआत से पंजाब कांग्रेस में मची कलह कैप्टन अमरिंदर सिंह के सीएम पद से इस्तीफे पर आकर खत्म हुई थी। कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ खड़े हुए नवजोत सिद्धू को आगे बढ़ाने में सबसे अहम योगदान हरीश रावत का ही था।
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हरीश रावत और कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : फाइल
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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रभारी हरीश रावत के उत्तराखंड चुनाव में संगठन के सहयोग न मिलने के ट्वीट से पंजाब में भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उनके ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि जो बोओगे वही काटोगे! आपके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं (यदि कोई हो) हरीश रावत जी। बता दें कैप्टन अमरिंदर सिंह को पंजाब में सीएम की कुर्सी से हटाने का जिम्मेदार काफी हद तक हरीश रावत को भी माना जाता है। वे नवजोत सिद्धू को संगठन में महत्वपूर्ण ओहदा देने के सबसे पहले हिमायती थे। 

मनीष तिवारी ने हाईकमान पर कसा तंज

वहीं कैप्टन के बाद श्री आनंदपुर साहिब के सांसद मनीष तिवारी ने हरीश रावत के बहाने कांग्रेस हाईकमान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले असम, फिर पंजाब और अब उत्तराखंड, भोग (मृतक की अंतिम रस्म) पूरा ही डालेंगे, कोई कसर न रह जाए। मनीष तिवारी इससे पहले भी हाईकमान को कई बार खरी खरी सुना चुके हैं। वे कैप्टन की कांग्रेस से विदाई और नवजोत सिद्धू के पंजाब कांग्रेस का प्रधान पद संभालने के बाद से कई बार आलाकमान को तल्खी दिखा चुके हैं।

ये लिखा था रावत ने अपने ट्वीट में 

पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रभारी हरीश रावत के एक ट्वीट ने उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल ला दिया था। रावत ने अपने ट्वीट में लिखा, 'है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, सहयोग के लिए संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर करके खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है। जिस समुद्र में तैरना है, सत्ता ने वहां कई मगरमच्छ छोड़ रखे हैं। जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ-पांव बांध रहे हैं। मन में बहुत बार विचार आ रहा है कि हरीश रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिए, अब विश्राम का समय है!'

बड़ी उहापोह की स्थिति में हूं, नया वर्ष शायद रास्ता दिखा दे

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा कि फिर चुपके से मन के एक कोने से आवाज उठ रही है "न दैन्यं न पलायनम्" बड़ी उहापोह की स्थिति में हूं, नया वर्ष शायद रास्ता दिखा दे। मुझे विश्वास है कि भगवान केदारनाथ जी इस स्थिति में मेरा मार्गदर्शन करेंगे।'

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