जेजे सिंह ने शिअद (टकसाली) का दामन थामने के बाद बादल परिवार पर आरोप लगते हुए कहा कि सेना के पूर्व प्रमुख को इस परिवार ने धोखा दिया। चुनाव प्रचार के दौरान ही उन्हें एहसास हो गया था कि वह उस राजनीतिक पार्टी में फंस गए हैं, जिनके नेताओं को पंजाब से कोई लगाव नहीं है।
लोगों के वोट लेकर सत्ता के नशे में लोगों से दूर रहने वाले सुखबीर बादल व उनके साथियों ने शिअद के उस संविधान की भी कोई परवाह नहीं रही। जिसे आधार बना कर सिखों के पूर्वजों ने सिख धर्म की रक्षा के लिए दल का गठन किया था।
बादल परिवार को आगामी लोकसभा चुनाव में हराने का संकल्प लेते हुए जेजे सिंह ने कहा कि इस परिवार ने उनका सम्मान मिट्टी में मिलाया है। अब वह इस परिवार के राजनीतिक अस्तित्व को खत्म करने के लिए लोगों के बीच जाएंगे। बादल दल के साथ नहीं रहना, इसके बारे में उन्होंने दिसंबर 2018 में फैसला लेकर सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था।
शिअद (ट) के अध्यक्ष रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने जनरल जेजे सिंह का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से पार्टी मजबूत हुई है। उन्होंने दावा किया की आगामी कुछ दिनों में बादल दल के कई सीनियर नेता उनकी पार्टी में शामिल होंगे। ब्रह्मपुरा ने कहा कि बादल परिवार व कांग्रेस को आगामी लोकसभा चुनाव में पराजित करने के लिए पंजाब डेमोक्रेटिव फ्रंट जल्द ही उम्मीदवारों की घोषणा कर देगा।